लाइव न्यूज़ :

आंध्र प्रदेश और ओडिशा के मुख्यमंत्री विवादास्पद मुद्दों को सुलझाने पर सहमत

By भाषा | Updated: November 9, 2021 22:37 IST

Open in App

अमरावती, नौ नवंबर आंध्र प्रदेश और ओडिशा ने मंगलवार को वामपंथी उग्रवाद और गांजे की खेती की समस्या से निपटने सहित विभिन्न अंतर्राज्यीय मुद्दों को हल करने के लिए मिलकर काम करने का निर्णय किया।

आंध्र प्रदेश और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों क्रमश: वाई एस जगन मोहन रेड्डी और नवीन पटनायक ने मंगलवार शाम भुवनेश्वर में दो घंटे की लंबी बैठक के अंत में इस आशय का एक संयुक्त बयान जारी किया।

दोनों मुख्यमंत्रियों ने जल संसाधन, साझा सीमा, ऊर्जा और वामपंथी उग्रवाद के क्षेत्र समेत आपसी हित के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की ।

मुख्यमंत्रियों ने बैठक को ‘‘बहुत ही सौहार्दपूर्ण और सार्थक’’ बताते हुए कहा कि उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर एक साथ काम करने का निर्णय किया है, जिसमें विवादास्पद कोटिया सीमावर्ती गांवों के मुद्दे का समाधान करने, वामसाधारा नदी पर नेराडी बांध का निर्माण, जंझावती जलाशय, बहुदा नदी से पानी छोड़ने, पोलावरम बहुउद्देशीय मुद्दे तथा बालीमेला और अपर सिलेरू बिजली परियोजनाओं के लिए पारस्परिक अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करना, शमिल है।

बयान में कहा गया है कि दोनों राज्यों ने वामपंथी उग्रवाद और गांजे की खेती से निपटने के लिए एक दूसरे को समर्थन देने का भी संकल्प लिया। दोनों पड़ोसी राज्यों ने ‘‘आपसी सहयोग की विरासत को जारी रखने और संघवाद की सच्ची भावना में मुद्दों पर चर्चा करने’’ का भी संकल्प लिया।

यहां जारी संयुक्त बयान में कहा गया है, ‘‘मुख्यमंत्रियों ने फैसला किया है कि दोनों राज्यों के मुख्य सचिव शेष मसलों पर विचार-विमर्श करने और ओडिशा और आंध्र प्रदेश के लोगों के हित में समाधान खोजने के लिए एक संस्थागत तंत्र स्थापित करेंगे।’’

दोनों राज्य क्रमशः बी आर अंबेडकर विश्वविद्यालय (श्रीकाकुलम में) और बेरहामपुर विश्वविद्यालय में उड़िया और तेलुगु भाषाओं के विभाग स्थापित करने की दिशा में भी काम करेंगे।

दूसरी तरफ ओडिशा सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री दोपहर में भुवनेश्वर पहुंचे और शाम को यहां लोक सेवा भवन में पटनायक के साथ बैठक की ।

बैठक के बाद पटनायक ने ट्वीट किया, ‘‘पारस्परिक हित के कई मुद्दों पर विशेष रूप से जल संसाधन, साझा सीमा, ऊर्जा और वामपंथी उग्रवाद पर बहुत सौहार्दपूर्ण और उपयोगी चर्चा हुई।’’

ओडिशा के मुख्यमंत्री ने दोनों नेताओं की फूलों के साथ एक-दूसरे को बधाई देते हुए तस्वीरें भी पोस्ट कीं।

इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्रियों ने कहा कि दोनों राज्य न केवल सीमाएं बल्कि एक लंबा और गौरवशाली इतिहास तथा विरासत भी साझा करते हैं।

बयान के अनुसार, जरूरत के समय दोनों पड़ोसी राज्यों ने पूर्ण सहयोग और सहायता दी है, यह तथ्य अतीत में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सामने आया है।

इसमें कहा गया है कि दोनों राज्यों के बीच कोटिया पंचायत प्रमुख मुद्दों में से एक है, जिसके 21 गांव पर ओडिशा और आंध्र प्रदेश दोनों दावा करते हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारRBI MPC Meeting: रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, आरबीआई ने 5.25% को रखा बरकरार; नहीं बढ़ेगी आपकी ईएमआई

भारतनहीं रहीं मोहसिना किदवई, उत्तर प्रदेश से लेकर केंद्र की राजनीति तक, 5 दशकों तक छाई रहने वाली कांग्रेस दिग्गज नेता का निधन

विश्वइजरायल ने किया अमेरिका के सीजफायर का समर्थन, मगर हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग रहेगी जारी

भारतDC vs GT, IPL 2026: फ्री होकर देखिए मैच, दिल्ली मेट्रो देर रात तक पहुंचाएंगी घर, DMRC ने बदली अपनी टाइमिंग

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: अमेरिका-ईरान युद्धविराम के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, जानें भारत में ईंधन की कीमतों को कितना मिलेगा फायदा

भारत अधिक खबरें

भारतनिजी जासूसी एजेंसियों को लेकर नई चिंताएं

भारतपंजाब में अमित शाह का प्रतिभा खोज अभियान?, आरिफ मोहम्मद खान ढाका जाएंगे!

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब