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समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर अमित शाह की दो टूक- मोदी सरकार अडिग है और पीछे नहीं हटेगी

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: December 15, 2023 11:02 IST

अमित शाह ने कहा, "समान नागरिक संहिता एक बहुत बड़ा सामाजिक और लीगल परिवर्तन है, इस पर सभी की राय चाहिए। भाजपा, नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में समान नागरिक संहिता लाने के लिए अडिग है और इस पर हम पीछे नहीं हटेंगे।"

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ठळक मुद्देसमान नागरिक संहिता एक बहुत बड़ा सामाजिक और लीगल परिवर्तन है - अमित शाहसमान नागरिक संहिता लाने के लिए अडिग - अमित शाहकेंद्र सरकार इसे लाने के लिए प्रतिबद्ध है - अमित शाह

नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर भारत सरकार और भाजपा का स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार इसे लाने के लिए प्रतिबद्ध है। 

समाचार चैनल आजतक के कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा, "समान नागरिक संहिता एक बहुत बड़ा सामाजिक और लीगल परिवर्तन है, इस पर सभी की राय चाहिए। भाजपा, नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में समान नागरिक संहिता लाने के लिए अडिग है और इस पर हम पीछे नहीं हटेंगे।"

अमित शाह ने कहा कि पीओके भारत का एक हिस्सा है और इस पर पाकिस्तान का अनधिकृत कब्जा है। इस मामले पर कांग्रेस को घेरते हुए अमित शाह ने कहा, "देश ने सबसे बड़ा हिस्सा राहुल गांधी के परनाना के समय में गंवाया और कांग्रेस की नीतियों के कारण गंवाया। कांग्रेस पार्टी किसी भी लिहाज से भाजपा व नरेन्द्र मोदी सरकार को देश की सुरक्षा को लेकर सलाह देने की स्थिति में ही नहीं है।"

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए बनाए गए विपक्षी गठबंधन के बारे में अमित शाह ने कहा, "इंडी अलायंस है कहां? मीडिया की स्क्रीन के अलावा कहीं इंडी अलायंस नहीं है। इस देश की जनता ने ढेर सारे अलायंस देखे हैं। जो राजनीतिक स्वार्थ के कारण, चुनाव के वक्त, विचारधारा की समानता के बगैर किए गए हैं। देश की जनता बहुत परिपक्व है और इनके स्वार्थ को पहचानती है।"

हाल ही में तीन राज्यों में मिली जीत पर अमित शाह ने कहा, "मोदी जी ने पार्टी के वोट बैंक की चिंता कभी नहीं की, उन्होंने हमेशा देशहित व देश की जनता को ध्यान में रखकर कठोर फैसले लिए। जिनका परिणाम ये हुआ कि आज भारत हर क्षेत्र में सबसे आगे है। जनता का नेतृत्व पर कितना भरोसा है और कौन सा कार्यकर्ता कितनी शिद्दत से काम कर रहा है, चुनाव वही जिता सकता है। कुछ पार्टियों की ऐसी स्थिति हो चुकी है कि कैंपेन मैनेजर के अलावा कोई चारा ही नहीं है। नेतृत्व विश्वास खो बैठा है और कैडर ति​तर बितर हो चुका है, तो ऐसे में कैंपेन मैनेजर ही नैया पार लगा सकता है।"

टॅग्स :अमित शाहमोदी सरकारसमान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड)
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