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अलकतरा घोटालाः बिहार के पूर्व मंत्री मोहम्मद इलियास हुसैन सहित सात दोषियों को कोर्ट ने सुनाई सजा

By एस पी सिन्हा | Updated: February 22, 2019 18:25 IST

रांची स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एके मिश्रा की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है. कोर्ट ने मुज्तबा अहमद के गैरहाजिर रहने पर वारंट जारी किया है. डीएन सिंह को सबसे अधिक 60 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है. मंगलवार को इस मामले में सुनवाई पूरी हो गई थी. 

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संयुक्त बिहार के 22 साल पुराने अलकतरा घोटाला मामले में तत्कालीन पूर्व पथ निर्माण मंत्री मोहम्मद इलियास हुसैन सहित सात आरोपियों को सीबीआई विशेष कोर्ट ने दोषी ठहराया है. उन्हें पांच-पांच साल की सजा के साथ ही 20 लाख रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई गई है. इस मामले में उनके अलावा शहाबुद्दीन बेक, केदार पासवान, मुज्तबा अहमद, रामानंद राम, शोभा सिन्हा और डीएन सिन्हा को पांच-पांच साल की सजा के साथ-साथ आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है.

रांची स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एके मिश्रा की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है. कोर्ट ने मुज्तबा अहमद के गैरहाजिर रहने पर वारंट जारी किया है. डीएन सिंह को सबसे अधिक 60 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है. मंगलवार को इस मामले में सुनवाई पूरी हो गई थी. 

सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसले की तारीख 22 फरवरी को तय की थी. सीबीआई ने 1997 में चारा घोटाला के आरोप में मामला दर्ज किया था. इसमें बिहार के पूर्व पथ निर्माण मंत्री इलियास हुसैन सहित सात लोगों को आरोपी बनाया गया था. पटना हाइकोर्ट ने फरवरी 1997 में घोटाले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था. 

3266 मिट्रिक टन अलकतरा घोटाले को लेकर 1997 में अलग-अलग पांच प्राथमिकी दर्ज किए गए थे. सितंबर 2018 में इलियास हुसैन को एक अन्य मामले में सीबीआई कोर्ट ने ही चार साल की सजा सुनाई थी. 1994 में चतरा में सडकों का निर्माण किया जा रहा था. इसके लिए हल्दिया ऑयल रिफाइनरी कोलकाता से अलकतरा मंगाए जाने थे. इसी में तत्कालीन पथ निर्माण मंत्री और इंजीनियरों ने कंपनी से साठ-गांठ कर करोड़ों का घोटाला किया गया था. 

लगभग 3266 मीट्रिक टन अलकतरा को अवैध तरीके से बेच दिया गया था. उस दौर में इसकी कीमत एक करोड 57 लाख के करीब थी. इस मामले में सीबीआइ ने वर्ष 1997 में कांड संख्या-आरसी-2/97 दर्ज किया था. जिसमें संयुक्त बिहार के पूर्व पथ निर्माण मंत्री इलियास हुसैन सहित सात लोगों को आरोपित किया गया है. 

घोटाले में बिहार के पूर्व मंत्री मो इलियास हुसैन, मंत्री के सचिव साहबुद्दीन बेग, खरीद एवं परिवहन विभाग के निदेशक केदार पासवान, उपनिदेशक मुजताबा अहमद, कार्यपालक अभियंता रामानंद राम, सेक्शन पदाधिकारी शोभा सिन्हा एवं ट्रांसपोर्टर आपूर्तिकर्ता डीएन सिंह को आरोपित किया गया था.

टॅग्स :आरजेडीबिहार
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