लाइव न्यूज़ :

7वां आर्थिक सर्वेक्षण शुरू, पहली बार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकत्र किया जाएगा डेटा

By संतोष ठाकुर | Updated: December 14, 2019 11:36 IST

Economic Census: देश की आर्थिक स्थिति को समझने के लिए शुक्रवार को सातवें आर्थिक सर्वेक्षण की शुरुआत हो गई, पहली बार ये सर्वेक्षण डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा है

Open in App
ठळक मुद्देदेश के सातवें आर्थिक सर्वेक्षण का काम शुरू हो गया हैइस सर्वेक्षण का डेटा कलेक्ट करने के लिए पहली बार डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल

संतोष ठाकुर, नई दिल्ली: देश की आर्थिक स्थिति समझने के लिए केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने दिल्ली में शुक्रवार को सातवें आर्थिक सर्वेक्षण का कार्य औपचारिक रूप से शुरू किया। पहली बार देश में आर्थिक सर्वेक्षण का डेटा मोबाइल फोन, टैबलेट पर लिया जा रहा है। इसके लिए देश भर में सर्वे करने वालों को स्मार्ट फोन-टैब दिए गए हैं।

इस बार क्योंकि तकनीकी प्लेटफॉर्म पर सर्वे किया जा रहा है इसलिए सर्वे का कार्य सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निकाय कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को दिया गया है जो देश भर में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सर्वे करने का कार्य करेगा। देश में पहली बार आर्थिक सर्वेक्षण पहली बार वर्ष 1978 में किया गया था। 

महानिदेशक, सामाजिक सांख्यिकी, ए.के.साधू ने कहा कि सीएससी के माध्यम से तकनीकी प्लेटफॉर्म पर पहली बार सर्वे किया जा रहा है। 

देश के हर व्यक्ति का आर्थिक डेटा जुटाएगी सरकार

इससे समस्त सर्वेक्षण का कार्य समय से काफी पहले पूरा कर लिया जाएगा। देश भर में कामकाजी वर्ग को देखते हुए हमनें यह सुविधा भी दी है कि अगर कोई व्यक्ति यह कहता है कि उसके पास सर्वे के लिए फिर से आना पड़ेगा क्योंकि सर्वेयर के घर आने के वक्त उसके पास समय नहीं है तो संबंधित व्यक्ति की समस्या को देखते हुए सर्वेयर फिर से उनके पास जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि देश के हर व्यक्ति का आर्थिक डाटा सरकार के पास आए। 

आर्थिक सर्वेक्षण के सही और सटीक होने से देश की आर्थिक नीति और योजनाएं बनाने में सहायता मिलती है। यही वजह है कि हम हर व्यक्ति के पास पहुंचने के लिए सभी संभव कदम उठा रहे हैं। 

एप्लीकेशन के माध्यम से हो रहा सर्वेक्षण :

ए.के.साधू ने कहा कि पहली बार आर्थिक सर्वेक्षण का कार्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एप्लीकेशन के माध्यम से किया जा रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से यह लाभ होगा कि समस्त डेटा सटीक होगा और यह पूरी तरह से सुरिक्षत होगा। आर्थिक सर्वेक्षण शुरू करने वाला दिल्ली 26वां राज्य है, जबकि 20 राज्य और 5 संघ शासित प्रदेश में यह कार्य पहले से चल रहा है। 

दिल्ली में इस समस्त सर्वेक्षण को पूरा होने में लगभग 3 महीने लगेंगे। इस दौरान सर्वेक्षण करने वाले दिल्ली के 45 लाख घरों—ढांचागत आधार तक जाकर लोगों से संबंधित आर्थिक डेटा जुटाएंगे। 

हमारे करीब डेढ़ लाख प्रशिक्षित सर्वे करने वाले कार्यकर्ता देश भर में लगभग 35 करोड़ घरों में जाएंगे और देश के लगभग सभी व्यक्ति से जुड़ा आर्थिक डेटा हासिल करेंगे। इस समय करीब 22 करोड़ लोगों तक हमारी टीम पहुंच गई है। इनमें से लगभग 3.5 करोड़ लोगों का डेटा हमने एकित्रत कर लिया है - नेपाल चंद्र सेन, आपॅरेशन हेड, कॉमन सर्विस सेंटर।

टॅग्स :इकॉनोमी
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारतेज आर्थिक विकास के साथ उन्नत परमाणु हथियारों से सुसज्जित मजबूत सैन्य शक्ति बनने की आवश्यकता

कारोबारStock Market: 1600 अंक गिरा बाजार?, होर्मुज को लेकर अनिश्चितता, रुपया 41 पैसे टूटकर सर्वकालिक निचले स्तर 93.94 प्रति डॉलर पर

कारोबारब्रिटेन की बादशाहत क्यों याद आ गई?, लेकिन जंग की सनक ले डूबी

कारोबारडूबते डेल्टा और संकट में देश का भविष्य?, देश की खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की रीढ़

कारोबारअर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी, देश की रफ्तार तेज

भारत अधिक खबरें

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप