लाइव न्यूज़ :

कीड़ों के जीनों में परिवर्तन करके नींद के रहस्य का लगाया गया पता, जानें अध्ययन में क्या खुलासा हुआ

By आजाद खान | Updated: June 12, 2023 12:21 IST

इस अध्ययन को करने के लिए वैज्ञानिकों ने CRISPR नामक एक तकनीक का प्रयोग किया है। इस तकनीक में कीड़ों के 400 से भी ज्यादा जीनों को परिवर्तन किया गया है।

Open in App
ठळक मुद्देवैज्ञानिकों ने कीड़ों के जीनों से नींद के नियमों का खुलासा किया है।उन्होंने बताया है कि कीड़ों के जीनों और प्रेषकों का नींद पर क्या प्रभाव पड़ता है?इसकी जानकारी पाने के लिए वैज्ञानिकों ने एक तकनीक का इस्तेमाल किया है।

Health News:  नींद सेहत और खुशी के लिए बहुत ही जरूरी है लेकिन इसका दिमाग पर क्या प्रभाव पड़ता है, इसके लिए एक शोध किया गया है। इस शोध के लिए वैज्ञानिकों ने कीड़ों का इस्तेमाल किया है। वैज्ञानिकों ने कीड़ों का इस्तेमाल करके जीन और रसायनों का नींद पर प्रभाव पड़ने का अध्ययन किया है। आपको बता दें कि कीड़े साधारण जानवर होते हैं, जो मनुष्यों के कुछ जीनों से मिलते-जुलते होते हैं। यही कारण है कि अध्ययन के लिए इन्हें इस्तेमाल किया गया है। 

वैज्ञानिकों का यह कहना है कि वे इनके जीनों में बदलाव करके वे यह देखना चाह रहे थे कि ये कीड़े नींद पर कैसा प्रभाव डालते है। 

अध्ययन में क्या खुलासा हुआ

इस अध्ययन को सुकुबा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है। इसमें वैज्ञानिकों ने CRISPR नामक एक तकनीक का प्रयोग किया है। इस तकनीक में कीड़ों के 400 से भी ज्यादा जीनों को परिवर्तन किया गया है। इस परिवतर्न में इनमें से कुछ जीन मस्तिष्क में प्रेषक नामक रसायनों को बनाने में मदद करते हैं। बता दें कि प्रेषक मस्तिष्क के कोशिकाओं को आपस में बात करने में मदद करते हैं, और कीड़ों की नींद पर प्रभाव ज़ाहिर करते हैं। कुछ प्रेषक से कीड़ों को ज़्यादा तो कुछ से कम कम नींद आती है। 

कुछ दवाओं का भी हुआ है प्रयोग

बता दें कि वैज्ञानिकों ने कम कम सोने और सुलाने में प्रेषकों की मात्रा में परिवर्तन करने वाली कुछ दवाइयों का भी परीक्षण किया है। ऐसे में उन्हें यह पता चला है कि कुछ दवाइयां कीड़ों को ज्यादा या कम सुला सकती हैं, जो प्रेषक पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, aldicarb नामक एक दवा प्रेषक acetylcholine की मात्रा बढ़ाकर कीड़ों को ज़्यादा सुलाती है। यही नहीं fluorouracil नामक एक और दवा प्रेषक serotonin की मात्रा को कम करके कीड़ों को कम सुलाती है। 

टॅग्स :हेल्थ टिप्सफिटनेस टिप्समेंस हेल्थ टिप्स इन हिंदीवीमेन हेल्थ टिप्स
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यWorld Hearing Day: जम्‍मू कश्‍मीर में सुनने की क्षमता में बढ़ती कमी पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, जानें वजह

स्वास्थ्यWorld Hearing Day 2026: लंबे समय तक ईयरफोन का इस्तेमाल आपकी सुनने की शक्ति को कैसे पहुंचा सकता है नुकसान

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार

स्वास्थ्य1 अप्रैल से महंगी होंगी दवाइयां; पेनकिलर और एंटीबायोटिक के लिए देने होंगे इतने रुपये, जानें कितनी ढीली होगी जेब