लाइव न्यूज़ :

इन 5 में से 1 रोग से पीड़ित है दुनिया का हर दूसरा बच्चा, बचाव के लिए जानें क्या करेंं

By गुलनीत कौर | Updated: April 6, 2018 15:24 IST

भारत में 5.74 से 8.82 फीसदी स्कूली बच्चे मोटापे का शिकार हैं। इसके अलावा हार्ट डिजीज, कैंसर, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, आदि तकलीफें भी बच्चों को अपना शिकार बना रही हैं।

Open in App

बच्चों की सेहत को लेकर माता-पिता अक्सर चिंतित रहते हैं। उनकी यह चिंता बच्चे के जन्म के साथ ही शुरू हो जाती है। लेकिन सच तो यह है कि बच्चे की सेहत का ख्याल तभी से रखना चाहिए जब उसका जन्म भी ना हुआ हो यानी जब वह अपनी मां के गर्भ में हो। वर्ल्ड हेल्थ डे यानी विश्व स्वास्थ्य दिवस को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको बताएंगे कि भारत में इस समाया बच्चों को सबसे अधिक किन बीमारियों से जूझना पड़ रहा है और इसके बचाव के लिए पेरेंट्स क्या करें।

एक अंग्रेजी वेबसाइट में छपी रिपोर्ट के अनुसार भारत में 5.74 से 8.82 फीसदी स्कूली बच्चे मोटापे का शिकार हैं। ठीक से पका हुआ नहीं और बाहर का जंक फूड दोनों खाने से बच्चों में मोटापे जैसी समस्या बढ़ रही है। इसके अलावा हार्ट डिजीज, कैंसर, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, आदि तकलीफें जो कभी बड़ों को ही होती थीं, उन्होंने भी बच्चों का अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है। लेकिन खराबी लाइफस्टाइल के चलते 5 ऐसी बीमारियां सामने आई हैं जिसका शिकार देश में हर दूसरा बच्चा हो रहा है:

1. मोटापा:

शारीरिक वजन का अधिक बढ़ जाना ओबेसिटी यानी मोटापे की समस्या का जन्म देता है। बच्चों में यह समस्या उनकी हाइट और उम्र, इन दो पैमानों को ध्यान में रखते हुए तय की जाती है। ओबेसिटी के कारण ही बच्चों में हार्ट डिजीज, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर जैसी परेशानियों का खतरा भी बढ़ जाता है। 

2. अस्थमा:

केवल जन्म के बाद ही नहीं, बच्चे के जन्म से पहले ही यदि गर्भ में उसकी देखभाल ठीक से ना की गई हो तो ऐसा बच्चा अस्थमा का शिकार जल्दी हो जाता है। भारत में अस्थमा से ग्रसित बच्चों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती चली जा रही है जिसमें प्रदूशान तो सबसे बड़ा कारण है ही। लेकिन साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान ठीक देखभाल ना होना और गर्भवती मां का लाइफस्टाइल सही ना होना, दोनों ही कारण मुख्य हैं।

यह भी पढ़ें: बच्चों को हेल्दी और फिट रखने के लिए उन्हें जरूर खिलाएं ये 5 चीजें

3. एलर्जी:

विभिन्न प्रकार की स्किन प्रॉब्लम और स्किन एलर्जी आजकल बच्चों को जन्म के साथ ही होने लगती है। इसमें एक्जिमा और हीव्स मुख्य दो ऐसी बीमारियां हैं जो समय के साथ बढ़ रही हैं। बच्चों को खाद्य पदार्थों से, धुल-मिट्टी से, जानवरों (पालतू भी) से और दवाइयां आदि चीजों से एलर्जी हो जाती है। अगर समय से इसके पहचान ना हो और इलाज ना किया जाए तो यह एलर्जी उनकी बॉडी में बैठ जाती है और उम्र भर परेशान करती है। 

4. अनीमिया:

खून की कमी बच्चों में तब से हो सकती हैं जब से वे पैदा भी नहीं हुए थे। प्रेगनेंसी के दौरान यदि बच्चे तक खून का प्रवाह सही से ना पहुंचे तो वे अनीमिया का शिकार हो सकते हैं। लेकिन इसके अलावा बच्चों में खून की कमी होने का दूसरा सबसे बड़ा कारण है खराब लाइफस्टाइल। पौष्टिक भोजन ना लेना, आउटडोर खेलों से दूरी (क्योंकि आजकल बच्चे घर के अन्दर ही गैजेट्स से खेलते हैं, जिसकी वजह से बॉडी मूवमेंट नहीं हो पाता है) और भरपूर नींद ना लेना। आजकल बच्चे देर रात तक गैजेट्स का इस्तेमाल करते हैं।

यह भी पढ़ें: गर्भ में बच्चे के स्वस्थ विकास के लिए गर्भवती महिला जरूर करे ये काम

5. मानसिक दबाव:

स्ट्रेस यानी तनाव के चलते आजकल बच्चों में मानसिक दबाव बनने लगता है। यह तनाव कई कारणों से आता है: पढ़ाई का प्रेशर, शारीरिक कमजोरी, कोई गंभीर बिमारी, आदि। इस तनाव के कारण बच्चों का मानसिक और शारीरिक दोनों के विकास में खलल पड़ता है। 

 

टॅग्स :विश्व स्वास्थ्य दिवसहेल्थ टिप्सबच्चों का विकासगर्भावस्थाहेल्थी फूड
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

बॉलीवुड चुस्कीये हैं मोहब्बतें वाली Divyanka बनने वाली हैं मां, 10 साल बाद मिली खुशखबरी, देखें तस्वीरें

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यWorld Hearing Day: जम्‍मू कश्‍मीर में सुनने की क्षमता में बढ़ती कमी पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, जानें वजह

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार

स्वास्थ्य1 अप्रैल से महंगी होंगी दवाइयां; पेनकिलर और एंटीबायोटिक के लिए देने होंगे इतने रुपये, जानें कितनी ढीली होगी जेब