लाइव न्यूज़ :

मेयोनीज, चिप्स और कुकीज हैं भारत में मधुमेह दर बढ़ने का कारण, जानिए क्यों?

By मनाली रस्तोगी | Updated: October 9, 2024 14:59 IST

भारत डायबिटीज की राजधानी बनता जा रहा है। इसका मुख्य कारण खराब जीवनशैली और खानपान को माना जाता है। अब डायबिटीज को लेकर एक रिसर्च सामने आई है जिसमें बताया गया है कि किन चीजों को खाने से लोग डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं।

Open in App
ठळक मुद्देपिछले कुछ सालों में डायबिटीज के मरीज तेजी से बढ़ने लगे हैं।जीवनशैली में बदलाव और खान-पान में लापरवाही से सेहत पर बुरा असर पड़ने लगा है।शोध में कहा गया है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड के कारण भारत दुनिया की डायबिटीज राजधानी बनता जा रहा है।

पिछले कुछ सालों में डायबिटीज के मरीज तेजी से बढ़ने लगे हैं। जीवनशैली में बदलाव और खान-पान में लापरवाही से सेहत पर बुरा असर पड़ने लगा है। यही कारण है कि भारत डायबिटीज की राजधानी बनता जा रहा है। 

हाल ही में मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन और आईसीएमआर के एक क्लिनिकल ट्रायल से पता चला है कि चिप्स, कुकीज, केक, तले हुए खाद्य पदार्थ और मेयोनीज जैसी चीजों के सेवन से डायबिटीज का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। 

शोध में कहा गया है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड के कारण भारत दुनिया की डायबिटीज राजधानी बनता जा रहा है। शोध में 38 लोगों को शामिल किया गया और उन पर क्लिनिकल ट्रायल किया गया। यह पाया गया कि चिप्स, कुकीज़, केक, तले हुए खाद्य पदार्थ और मेयोनीज जैसी चीजें उन्नत ग्लाइकेशन अंत उत्पादों (एजीई) से भरपूर हैं। ये सीधे अग्न्याशय को प्रभावित करते हैं। 

भारत डायबिटीज की राजधानी बनता जा रहा है

शोध में 38 मोटे लोगों को शामिल किया गया। जिसमें से डायबिटीज से पीड़ित लोगों को एक अलग समूह में रखा गया था. इसमें एक समूह को 12 सप्ताह तक कम एजीआई वाला भोजन दिया गया जबकि दूसरे समूह को उच्च एजीआई वाला भोजन दिया गया. इसमें लोगों में ग्लूकोज और लिपिड मेटाबॉलिज्म के साथ-साथ ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन पर कम और उच्च AGE भोजन के प्रभाव की जांच की गई।

ये चीजें बढ़ाती हैं डायबिटीज का खतरा

शोध में शामिल डॉक्टरों ने बताया कि पिछले कुछ सालों में भारत में खान-पान की आदतों में काफी बदलाव आए हैं। जिसमें कार्बोहाइड्रेट, वसा, नमक, चीनी और पशु उत्पादों की खपत तेजी से बढ़ी है। वहीं दूसरी ओर व्यायाम की कमी और खराब जीवनशैली भी डायबिटीज का कारण बन रही है।

भोजन में एजीआई का स्तर कम कैसे रखें?

आप चाहें तो खाने का AGE लेवल आसानी से कम रख सकते हैं. इसके लिए जरूरी है कि खाने को तलने, भूनने या उबालने के बाद ग्रिल करने से बचें। ज्यादा घी या तेल खाने से बचें. अधिक फल, सब्जियां, हरी पत्तेदार सब्जियां और साबुत अनाज खायें। सूखे मेवे, भुने हुए अखरोट, सूरजमुखी के बीज, तला हुआ चिकन और बेकन जैसी चीजें कम खाएं।

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों की Lokmat Hindi News पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले या इसके बारे में अधिक जानकारी लेने के लिए डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।)

टॅग्स :डायबिटीजडायबिटीज डाइटडाइट टिप्स
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यबच्चों में मधुमेह, रक्तचाप और मानसिक स्वास्थ्य की होगी जांच?, केंद्र ने आरबीएसके का दायरा बढ़ाया

स्वास्थ्यमधुमेह के उपचार की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि

स्वास्थ्यमधुमेह का महाप्रकोप रोकने की क्या तैयारी ?

स्वास्थ्यDinner Timing Matters: सर्दियों में जल्दी खाना क्यों बन सकता है हेल्थ गेम-चेंजर?

विश्वअमेरिका डायबिटीज, मोटापा जैसी स्वास्थ्य समस्याओं वाले विदेशियों को वीज़ा देने से कर सकता है मना

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यसावधान! बचपन में ज़्यादा 'स्क्रीन टाइम' से 3 साल की उम्र तक दिख सकते हैं ऑटिज़्म के लक्षण, AIIMS की स्टडी में हुआ खुलासा

स्वास्थ्यसर्जरी से स्मार्ट दिखने की बढ़ती लालसा 

स्वास्थ्यभूलकर भी न करें इन 4 फलों का मेल, सेहत को हो सकता है भारी नुकसान

स्वास्थ्यक्या आप हीट स्ट्रोक और हीट एग्जॉस्टशन में अंतर जानते हैं? पहचानें लक्षण और बचने के उपाय

स्वास्थ्य13 जिलों के 339 स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा, 30 से अधिक अस्पतालों में लू के मरीजों के लिए पांच बिस्तरों वाले विशेष ‘कूल रूम’, दिल्ली में भीषण गर्मी को लेकर एक्शन