लाइव न्यूज़ :

मानसून के मौसम में इन 5 तरह के भोजन से बचें, घर आ सकती है बीमारी, जानें सुरक्षित और स्वस्थ रहने के उपाय

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: June 22, 2024 11:51 IST

आने वाले महीनों के दौरान सुरक्षित और स्वस्थ रहने के लिए भोजन की गुणवत्ता और शुद्धता पर ध्यान देना बहुत आवश्यक है। मानसून के मौसम में प्रदूषण और खाद्य जनित बीमारियों के बढ़ते खतरे के कारण कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज किया जाना चाहिए।

Open in App
ठळक मुद्देमानसून के मौसम में खान-पान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है बैक्टीरिया, कवक और अन्य बीमारी फैलाने वाले रोगाणु तेजी से विकसित होते हैंकुछ खाद्य पदार्थों से परहेज किया जाना चाहिए

foods you need to avoid this monsoon season: देश के कई हिस्सों में मानसून का मौसम आ चुका है। इस मौसम में खान-पान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। आने वाले महीनों के दौरान सुरक्षित और स्वस्थ रहने के लिए भोजन की गुणवत्ता और शुद्धता पर ध्यान देना बहुत आवश्यक है। मानसून के मौसम में प्रदूषण और खाद्य जनित बीमारियों के बढ़ते खतरे के कारण कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज किया जाना चाहिए। इस दौरान नमी के कारण बैक्टीरिया, कवक और अन्य बीमारी फैलाने वाले रोगाणु तेजी से विकसित होते हैं। इस लेख में हम आपको उन पांच खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं जिनसे मानसून के मौसम में यथासंभव बचने की कोशिश करना चाहिए।

पत्तेदार सब्जियां

मानसून के दौरान नमी के स्तर में वृद्धि के कारण पालक, पत्तागोभी और साग जैसी सब्जियों के दूषित होने का खतरा होता है। ये बैक्टीरिया और परजीवियों को आश्रय दे सकते हैं। इससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इनके सेवन से बचने का प्रयास करना चाहिए।

सड़क पर खुले में बिकने वाला भोजन

मानसून के मौसम में स्ट्रीट फूड जोखिम भरा हो सकता है।  यह अक्सर अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किया जाता है। खाद्य जनित बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए स्ट्रीट वेंडरों के चाट, पकौड़े और समोसे जैसे खाद्य पदार्थों से बचें। मानसून के मौसम में सड़क पर खुले में बिकने वाला भोजन आपकी सेहत का जायका बिगाड़ सकता है।

सड़क पर खुले में बिकने वाले कटे हुए फल

रेहड़ी-पटरी पर या बाजारों में बेचे जाने वाले पहले से कटे फलों को ठीक से धोया नहीं जाता। काट कर रखने के बाद भी इनपर धूल मिट्टी पड़ती रहती है। बेहतर होगा कि आप जोखिम को कम करने के लिए साबुत फलों को घर लाएं और धोने के बाद काट कर खाएं।

सी-फूड या समुद्री भोजन

मानसून के मौसम में सी-फूड से भी बचने की सलाह दी जाती है। यह मौसम जलजनित बीमारियों के बढ़ने के लिए जाना जाता है और इस दौरान समुद्री भोजन आसानी से दूषित हो सकता है। इस मौसम में मछली, झींगा और अन्य समुद्री भोजन खाने से बचने की जरूरत है।

तले हुए खाद्य पदार्थ और मांसाहारी करी

पकोड़े, भजिया और समोसा जैसे तले हुए खाद्य पदार्थ मानसून के दौरान लोकप्रिय स्नैक्स हैं। बारिश हुई नहीं कि मन ललचाने लगता है। लेकिन इससे सावधान रहने की जरूरत है। ये पचने में मुश्किल तो हो ही सकते हैं साथ ही बाहर से मंगाए गए तले हुए खाद्य पदार्थ अपने साथ कई बीमारियां भी साथ ला सकते हैं। इसके बजाय घर पर बनाए गए ग्रिल्ड स्नैक्स जैसे हल्के विकल्प चुनें। मॉनसून की नमी वाली परिस्थितियों में मांस और पोल्ट्री के व्यंजन भी जल्दी खराब हो सकते हैं। यदि आप मांसाहारी भोजन करना पसंद करते हैं तो विश्वसनीय स्रोतों से खरीद कर खुद पकाएं। बचे हुए भोजन को रखकर दोबारा न खाएं।

टॅग्स :मानसून हेल्थ टिप्स हिंदीमानसूनफिटनेस टिप्सभोजन
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

भारतJammu-Kashmir: ईद के आते ही कश्‍मीर में मीट की कीमतों में उछाल से नाराजगी

स्वास्थ्यक्या हृदय शल्य चिकित्सा कराने वाले मरीज 10 से 12 सप्ताह में तैराकी, साइकिल चलाना और मैराथन दौड़ सकते हैं?, जानें कार्डियोथोरेसिक सर्जन ने क्या कहा?

कारोबारएलपीजी सिलेंडर को कहें अलविदा, इन 5 गैजेट्स से आसान बनाएं अपनी कुकिंग; मिनटों में तैयार होगा खाना

भारतJammu-Kashmir: रमजान के महीने में कश्मीर में बढ़ी बेकरी आइटम की डिमांड, बेकर्स ने आटे की बढ़ती कीमतों पर जताई चिंता

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार