FIFA World Cup 2018, Group F Profile- Germany, Mexico, Sweden, South Korea | FIFA World Cup 2018: ग्रुप-एफ में रहेगी गत विजेता जर्मनी की बादशाहत, जानिए बाकी टीमों का हाल

नई दिल्ली, 13 जून: गत वर्ल्ड चैंपियन टीम जर्मनी रूस में 14 जून से शुरू हो रहे फीफा वर्ल्ड कप में अपना खिताब बचाने के इरादे से उतरेगा। जर्मनी को इस बार ग्रुप-एफ में मैक्सिको, स्वीडन और साउथ कोरिया के साथ रखा गया है। जर्मनी चार बार का वर्ल्ड चैंपियन है और इस बार भी उसे खिताब जीतने के प्रबल दावेदार माना जा रहा है। दुनिया की पहले रैंकिंग वाली टीम इस ग्रुप की सबसे ताकतवर टीम है। आइए एक नजर डालें इस ग्रुप में शामिल टीमों पर।

ग्रुप-एफ:जर्मनी, मैक्सिको, स्वीडन, साउथ कोरिया

1.जर्मनी (रैंकिंगः 1): वर्ल्ड कप 2014 की विजेता और चार बार की चैंपियन जर्मनी की टीम शानदार फॉर्म में है। जर्मनी की टीम 2017 में पूरे साल अपराजेय रही और उसने कन्फेडरेशन कप जीतकर अपनी तैयारियों का जोरदार सबूत दिया है। जर्मनी की असली ताकत उसकी टीम की गहराई है। पिछले वर्ल्ड कप फाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ फाइनल में विजयी गोल दागने वाले मारियो गोट्जे को टीम में जगह तक नहीं मिली है, जो टीम की ताकत दिखाती है। स्टार गोलकीपर मैनुअल नेओर की आठ महीने टीम में वापसी हुई है, जो पैर के फ्रैक्चर के बाद वापसी कर रहे हैं। 

स्टार खिलाड़ी, टोनी क्रूज: जर्मनी के कप्तान टोनी क्रूज इस टीम की ताकत हैं। रियाल मैड्रिड का ये इस स्टार खिलाड़ी मिडफील्ड से ही गेंद पर नियंत्रण रखते हुए अपने फॉरवर्ड्स के लिए विपक्षी सुरक्षा को तहस-नहस करने की भूमिका बनाता है।

कोच, जोआकिम लोउ: लगातार तीन वर्ल्ड कर से जर्मनी के कोच पद की जिम्मेदारी निभा रहे लोउ की नजरें जर्मनी को लगातार दूसरा खिताब दिलाने पर होंगी। (पढ़ें: फीफा वर्ल्ड कप 2018: स्पेन के लिए बड़ा झटका, टूर्नामेंट शुरू होने से एक दिन पहले कोच बर्खास्त)

2.मैक्सिको (रैंकिंग: 15): मैक्सिको की टीम इस ग्रुप में जर्मनी के बाद दूसरी सबसे मजबूत टीम है। मैक्सिको की टीम लगातार वर्ल्ड कप में जगह बनाती रही है। मैक्सिको पिछले छह फीफा वर्ल्ड में खेला है लेकिन हर बार अंतिम-16 में ही बाहर हुआ है। मैक्सिको की नजरें इस बार इससे आगे बढ़ने की होंगी। वह अब तक सिर्फ दो बार 1970 और 1986 में क्वॉर्टर फाइनल में पहुंचा है। मैक्सिको ने इस बार तीन मैच बाकी रहते ही वर्ल्ड कप के लिए क्वॉलिफाई कर अपनी बेहतरीन फॉर्म का सूबत दिया।

स्टार खिलाड़ी, जेवियर हर्नांडेज: मैक्सिको की उम्मीदों का भार जेवियर हर्नांडेज के साथ-साथ जीजस कोरोना और हिरविंग लोजानो पर होगा।

कोच, जुआन कार्लोस ओसोरियो: मैक्सिको के कोच ओसोरियो को उनके आक्रामक स्टाइल के लिए जाता है। लेकिन वह कोच पद से एक बार बर्खास्त भी हो चुके हैं।

3.स्वीडन (रैंकिंग: 24): स्वीडन ने क्वॉलिफाइंग राउंड में इटली को हराकर 2006 के बाद से पहली बार वर्ल्ड कप में जगह बनाई है। 2010 और 2014 के वर्ल्ड कप में न पहुंच पाने के बाद स्वीडन की कोशिश इस बार शानदार प्रदर्शन करने की होगी। हालांकि उसे अपने स्टार फुटबॉलर ज्लाटेन इब्राहिमोविच की कमी खलेगी, जिन्होंने 2016 के यूरो कप के बाद संन्यास ले लिया था। ऐसे में ये देखना दिलस्चप होगा कि क्या स्वीडन इब्राहिमोविच के बगैर अपनी छाप छोड़ पाएगी? (पढ़ें: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मेजबान का हुआ ऐलान, रूस में वोटिंग से हुआ फैसला)

स्टार खिलाड़ी, एमिल फोर्सबर्ग: इस स्ट्राइकर ने स्वीडन के आक्रमण में इब्राहिमोविच की जगह है।

कोच, जेने एंडरसन: यूरो कप 2016 के बाद टीम के कोच बने एंडरसन ने इब्राहिमोविच के संन्यास के बाद टीम को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

4.साउथ कोरिया (रैंकिंग: 57): 1986 के बाद से हर वर्ल्ड कप में फीफा की टीम खेली है। हालांकि इस बार भी पिछले वर्ल्ड कप की तरह ही साउथ कोरिया के पहले ही राउंड में बाहर होने की संभावना जताई जा रही है। उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2002 के वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल तक पहुंचना रहा है। (पढ़ें: फीफा वर्ल्ड कप 2018 का ऑफिशियल सॉन्ग हुआ हिट, सोशल मीडिया पर खूब पसंद कर रहे हैं लोग)

स्टार खिलाड़ी, सोन ह्यंग-मिन: प्रीमियर लीग के इतिहास में मिन सबसे ज्यादा गोल दागने वाले एशियाई खिलाड़ी हैं। कोरिया की उम्मीद मिन के आसपास ही घूमेगी।

कोच, शिन ताए-यंग: वर्ल्ड कप क्वॉलिफाइंग में मुश्किल में फंसी कोरियाई टीम को शिन ताए ने अपने प्रेरणादार्यी मागदर्शन में वर्ल्ड कप तक पहुंचाया।


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