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सीबीएसई के पाठ्यक्रम से कुछ टॉपिक्स हटाए जाने पर एचआरडी मंत्री ने दी सफाई, कहा- इसको लेकर मनगढंत टिप्पणियां की जा रही

By भाषा | Updated: July 9, 2020 14:48 IST

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पैदा हुए हालात के चलते सीबीएसई के पाठ्यक्रम को कम करने संबंधी विवाद पर केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने सफाई दी है।

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ठळक मुद्देरमेश पोखरियाल ने कहा कि सीबीएसई के पाठ्यक्रम से कुछ टॉपिक्स हटाए जाने को लेकर मनगढ़ंत टिप्पणियां कर गलत विमर्श का प्रसार किया जा रहा है।विपक्ष का आरोप है कि एक खास तरह की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए पाठों को हटाया जा रहा है।

नई दिल्ली। केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने गुरुवार को कहा कि सीबीएसई के पाठ्यक्रम से कुछ टॉपिक्स हटाये जाने को लेकर मनगढ़ंत टिप्पणियां कर गलत विमर्श का प्रसार किया जा रहा है। मंत्री का यह बयान कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पैदा हुए हालात के चलते सीबीएसई के पाठ्यक्रम को कम करने संबंधी विवाद के बीच आया है। विपक्ष का आरोप है कि एक खास तरह की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए भारत के लोकतंत्र और बहुलतावाद संबंधी पाठों को ‘‘हटाया’’ जा रहा है। निशंक ने इस संबंध में कई ट्वीट किए।

उन्होंने लिखा,‘‘सीबीएसई के पाठ्यक्रम में कुछ टॉपिक्स को हटाये जाने के बारे में बहुत सी मनगढंत टिप्पणियां की जा रही हैं। इन टिप्पणियों के साथ समस्या यह है कि वे गलत विमर्श को फैलाने के लिए चुनिंदा विषयों को जोड़कर सनसनीखेज बना रहे हैं।’’

उन्होंने कहा,‘‘राष्ट्रवाद, स्थानीय सरकार ,संघवाद आदि तीन-चार टॉपिक्स को छोड़े जाने का गलत मतलब निकाल कर मनगढंत विमर्श बनाना आसान है,विभिन्न विषयों को व्यापक तौर पर देखा जाए तो दिखाई देगा कि सभी विषयों में कुछ चीजों को छोड़ा गया है।’’

कोरोना संक्रमण के मद्देनजर हटाए गए हैं टॉपिक्स

मंत्री ने दोहराया कि पाठ्यक्रम में टॉपिक्स को छोड़ना कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर उठाया गया कदम हैं। उन्होंने कहा,‘‘ जैसा कि सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों को एनसीईआरटी वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर का पालन करने की सलाह दी गई है, और उक्त सभी टॉपिक्स को उसके तहत लाया गया है। कोविड-19 महामारी के कारण उठाया गया यह एक बार का कदम है।’’

छात्रों का तनाव कम करने के लिए उठाया गया है कदम

उन्होंने कहा,‘‘ इसका एकमात्र उद्देश्य सिलेबस को 30 प्रतिशत तक कम करके छात्रों के तनाव को कम करना है। यह कदम हमारे ‘‘सिलेबसफॉरस्टूडेंट्स 2020’’ अभियान के माध्यम से शिक्षाविदों से प्राप्त सुझावों पर विचार करके और विभिन्न विशेषज्ञों की सलाह और सिफारिशों पर उठाया गया है।’ मंत्री ने ‘‘शिक्षा को राजनीति से दूर ’’ रखने की भी अपील की।

टॅग्स :रमेश पोखरियाल निशंकसीबीएसईएजुकेशन
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