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कोरोना वायरस संकट: अभिवावक और छात्र इस बात से हैं बेहद परेशान, स्कूल फोन करके पूछ रहे हैं सवाल

By भाषा | Updated: March 30, 2020 14:46 IST

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्रों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है जिस पर वह सवाल पूछ सकते हैं. अभिवावक अक्सर स्कूल में यह पूछने के लिए फोन कर रहे हैं कि नया सत्र शुरू कब होगा.

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ठळक मुद्देअभिवावक स्कूल में फोन करके बच्चों को घर में कैसे व्यस्त रखे जैसे सवाल पूछे रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर में कोरोना वायरस का पहला मामला मिलते ही दो हफ्ते पहले स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए थे.

दिल्ली-एनसीआर में कई निजी स्कूलों में काम कर रहे मनोवैज्ञानिक परामर्शदाताओं के पास 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन (बंद) के बीच कोरोना वायरस की स्थिति से चिंतित छात्रों और अभिभावकों के लगातार फोन आ रहे हैं। अभिभावक उनसे स्कूल कब से खुलेंगे से लेकर संक्रामक रोग से अपने आप को कैसे बचाएं और बच्चों को घर में कैसे व्यस्त रखे जैसे सवाल पूछे रहे हैं। 

बंद की घोषणा से दो हफ्ते पहले ही स्कूलों में छुट्टी कर दी गई तथा परीक्षाओं को टाल दिया गया। कई स्कूल प्रशासन के अनुसार, फोन या वीडियो कांफ्रेंस के जरिए परामर्श सेवाएं मुहैया करा रहे परामर्शदाता भी अपने घरों से बैठकर काम कर रहे हैं और उन्हें कोई निर्धारित समय न चुनने के लिए कहा गया है ताकि छात्रों और उनके अभिभावकों के ज्यादातर सवालों का जवाब दिया जा सकें। 

दिल्ली पब्लिक स्कूल, राजनगर एक्सटेंशन गाजियाबाद की प्रधानाचार्या पल्लवी उपाध्याय ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘चूंकि परामर्शदाता भी घर से काम कर रहे हैं तो छात्र ऑन कांफ्रेंसिंग या व्हाट्सएप के जरिए उनसे केवल फोन या ऑनलाइन माध्यमों से संवाद कर पा रहे हैं। सबसे ज्यादा सवाल बोर्ड परीक्षाओं और उनके नतीजों को लेकर आ रहे हैं। अभिभावक अक्सर यह पूछने के लिए फोन करते हैं कि नया अकादमिक सत्र कब से शुरू होगा।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘अभिभावक और छात्र यह भी जानना चाहते हैं कि जब स्कूल खुलेगा और संक्रमण का खतरा कम होगा तो भी क्या वायरस के लौटने का डर हमेशा बना रहेगा? इसलिए वे हमसे पूछ रहे हैं कि स्कूल सामाजिक दूरी बनाने के लिए कैसे प्रावधान करेंगे और एक कक्षा में कितने छात्र बैठेंगे।’’ 

एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, पुष्प विहार की प्रधानाचार्या अमीता मोहन ने कहा, ‘‘अभिभावकों को बताया जा रहा है कि अपने बच्चों को घर में कैसे व्यस्त रखे। इस उद्देश्य से पढ़ने की अतिरिक्त सामग्री के लिए ऑनलाइन लिंक्स मुहैया कराए जा रहे हैं। अभिभावकों को इंडोर गेम्स और गतिविधियों की सलाह दी जा रही है।’’ 

शिव नादर स्कूल, नोएडा में परामर्शदाता नूर सिन्हा को सवाल मिल रहे हैं कि बंद से प्रभावित दिहाड़ी मजदूरों और बेघर लोगों समेत अन्य लोगों की मदद कैसे की जाए। दिल्ली इंटरनेशनल स्कूल, रोहिणी की प्रधानाचार्या प्रियंका बरारा ने कहा, ‘‘स्कूल परामर्शदाता से हर दिन करीब 20 सवाल पूछे जा रहे हैं। ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बनाए रखने के बारे में सवाल पूछते हैं। 14-17 साल की उम्र के छात्र कोरोना वायरस से संबंधित सवाल पूछते हैं। अगले साल बोर्ड परीक्षाएं देने वाले छात्र यह पूछते है कि वह पाठ्यक्रम को कैसे पूरा कर पाएंगे।’’ 

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