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Atal Rankings ARIIA 2020: सबसे आगे मद्रास, बाम्बे और दिल्ली आईआईटी, जानिए सूची

By भाषा | Updated: August 18, 2020 21:43 IST

देश में छात्रों और संकायों के बीच नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता विकास से संबंधित संकेतकों के आधार पर उच्च शिक्षा संस्थानों और विश्वविद्यालयों को प्रणालीबद्ध रैंकिंग प्रदान की जाती है।

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ठळक मुद्देअटल नवोन्मेष उपलब्धि संस्थान रैंकिंग (एआरआईआईए) शिक्षा मंत्रालय की एक पहल है, जिसे एआईसीटीई और मंत्रालय के नवाचार प्रकोष्ठ द्वारा लागू किया गया है। छह श्रेणियों के तहत पुरस्कार प्रदान किया गया, जिनमें केवल महिलाओं वाले उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक विशेष श्रेणी भी शामिल है।विशेष श्रेणी का उद्देश्य महिलाओं को प्रोत्साहित करना और नवाचार व उद्यमिता के क्षेत्र में लैंगिक समानता लाना है।

नई दिल्लीः नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) मद्रास, बाम्बे और दिल्ली आईआईटी ने मंगलवार को घोषित अटल नवोन्मेष उपलब्धि संस्थान रैंकिंग 2020 में राष्ट्रीय महत्व के केंद्र पोषित संस्थानों की श्रेणी में क्रमश: शीर्ष तीन स्थान हासिल किए।

इस श्रेणी में शीर्ष 10 संस्थानों की सूची में सात आईआईटी शामिल हैं। अटल नवोन्मेष उपलब्धि संस्थान रैंकिंग (एआरआईआईए) शिक्षा मंत्रालय की एक पहल है, जिसे एआईसीटीई और मंत्रालय के नवाचार प्रकोष्ठ द्वारा लागू किया गया है । इसके तहत देश में छात्रों और संकायों के बीच नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता विकास से संबंधित संकेतकों के आधार पर उच्च शिक्षा संस्थानों और विश्वविद्यालयों को प्रणालीबद्ध रैंकिंग प्रदान की जाती है।

इसके तहत छह श्रेणियों के तहत पुरस्कार प्रदान किया गया, जिनमें केवल महिलाओं वाले उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक विशेष श्रेणी भी शामिल है। इस विशेष श्रेणी का उद्देश्य महिलाओं को प्रोत्साहित करना और नवाचार व उद्यमिता के क्षेत्र में लैंगिक समानता लाना है। इसके अलावा अन्य पांच श्रेणियों में केंद्र द्वारा वित्त पोषित संस्थान, राज्य द्वारा वित्त पोषित विश्वविद्यालय, राज्य द्वारा वित्त पोषित स्वायत्त संस्थान, निजी / डीम्ड विश्वविद्यालय और निजी संस्थान शामिल हैं।

आईआईएससी, बेंगलोर ने चौथा और आईआईटी खड़गपुर ने पांचवां स्थान हासिल किया

केंद्र द्वारा वित्त पोषित राष्ट्रीय महत्व के संस्थान में आईआईएससी, बेंगलोर ने चौथा और आईआईटी खड़गपुर ने पांचवां स्थान हासिल किया। इस श्रेणी में शीर्ष 10 की सूची में सात आईआईटी ने अपना स्थान बनाया जिनमें कानपुर, मंडी और रुड़की शामिल है। राज्य द्वारा वित्त पोषित विश्वविद्यालय की श्रेणी में इंस्टीट्यूट आफ केमिकल टेक्नोलाजी, महाराष्ट्र ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया और इसके बाद पंजाब विश्वविद्यालय और चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय का स्थान रहा।

राज्य द्वारा वित्त पोषित स्वायत्त संस्थान की श्रेणी में कालेज आफ इंजीनियरिंग पुणे ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया और इसके बाद पीईएस कालेज आफ इंजीनियरिंग, कर्नाटक तथा कोयंबटूर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी, तमिलनाडु का स्थान रहा । निजी / डीम्ड विश्वविद्यालय की श्रेणी में कलिंगा इंस्टीट्यूट आफ इंडस्ट्रीयल टेक्नोलाजी, ओडिशा को शीर्ष स्थान मिला। केवल महिलाओं वाले उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक विशेष श्रेणी में अविनाशीलिंगम इंस्टीट्यूट आफ होम साइंस एंड हायर एजुकेशन को शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ।

एआरआईआईए रैंकिंग जारी करते हुए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा, ‘‘ नवोन्मेष हमेशा ही मानव की प्रगति का महत्वपूर्ण तत्व रहा है । शून्य के आविष्कार से लेकर नवोन्मेष तक का भारत में समृद्ध इतिहास रहा है । भारत विश्वगुरु के रूप में जाना जाता था। हमें उस बौद्धिक नेतृत्व को फिर से हासिल करने की जरूरत है। हमें फिर से ज्ञान और नवोन्मेष के केंद्र के रूप में उभरने की जरूरत है। ’’

विश्लेषण और ज्ञान की दुनिया के नए पहलुओं की खोज करने की खुशी पर बहुत जोर दिया जाता

उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा कि नीति में समझ, महत्वपूर्ण सोच, विश्लेषण और ज्ञान की दुनिया के नए पहलुओं की खोज करने की खुशी पर बहुत जोर दिया जाता है। उन्‍होंने जोर देकर कहा, “यह बहु-विषयक अध्‍ययन के माध्यम से विभिन्न विषयों को जोड़ने का प्रयास करता है।

सूचना और साक्ष्य के अंशों के बीच इस संबंध को स्थापित करना नवाचार के लिए वास्तव में महत्वपूर्ण है।” नायडू ने छात्रों के बीच नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को विकसित करने के लिए ठोस प्रयास करने का आह्वान किया, ताकि वह नौकरी चाहने वाला बनने की बजाय ‘सबसे अलग’ विचारक, रचनात्मक समस्या हल करने वाला, उद्यमी बन सके। उपराष्ट्रपति ने कहा , ‘‘ हमारे यहां काफी प्रतिभाशाली युवा हैं जो नये विचारों से भरे हैं और उनमें नये पथ पर आगे बढ़ते हुए ऐसे विचारों को लागू करने की इच्छा और जुनून है ।

युवा हमारे देश के भविष्य को परिभाषित करेंगे । इन्हें प्रोत्साहन, सुविधा और मान्यता प्रदान करने की जरूरत है। उन्हें नये फलक की तलाश करने के लिये जरूरी मार्गदर्शन और स्वतंत्रता प्रदान किये जाने की जरूरत है। ’’

इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, ‘‘ यह रैंकिंग हमारे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर है। उनके नेतृत्व में, भारत ने नवाचार के क्षेत्र में अनेक छलांगें लगाईं। वहीं, भारत को आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को साकार करते हुए यह रैंकिंग उनकी आकांक्षाओं का एक सच्चा प्रतिबिंब है । ’’ उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत नवाचार और अनुसंधान के लिए एक राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एनआरएफ) स्थापित किया जाएगा।

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