लाइव न्यूज़ :

आतंकी बनने से पहले कमर रखता था नवरात्रि में व्रत, एटीएस ने पूछताछ के बाद किए कई खुलासे

By पल्लवी कुमारी | Updated: September 20, 2018 03:37 IST

हिजबुल आतंकी को गणेश चतुर्थी के मौके पर हमले की साजिश करते हुए पकडा गया था। कमर को 13 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। उसके दो साथी पकडे़ नहीं जा सके।

Open in App

लखनउ, 20 सितंबर:  उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते एटीएस को हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी के दो साथियों की सरगर्मी से तलाश है। हिजबुल आतंकी को गणेश चतुर्थी के मौके पर हमले की साजिश करते हुए पकडा गया था। एटीएस के महानिरीक्षक असीम अरूण ने बुधवार को बताया कि पकड़ा गया असम निवासी कमर उज जमां ने पुलिस रिमांड पर पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि उसे मिलाकर तीन लोग कानपुर के शिवनगर मोहल्ले में किराये के मकान में रह रहे थे । कमर को 13 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। उसके दो साथी पकडे़ नहीं जा सके क्योंकि वे एटीएस के छापे के दो दिन पहले ही वहां से चले गये थे।

नवरात्रि में रखता था व्रतमहानिरीक्षक ने कहा कि दोनों की तलाश की जा रही है और जम्मू कश्मीर पुलिस की भी मदद ली गयी है। उम्मीद है कि वे जल्द पकडे जाएंगे। एटीएस के महानिरीक्षक असीम अरूण के मुताबिक आतंकी कमर वहाबी विचारधारा से जुड़ने से पहले काफी उदारवादी किस्म का इंसाम था। उन्होंने बताया कि कमर पहले नवरात्रि भी मनाया करता था। सिर्फ इतना गी इसके नवरात्रि की पूजा में वह सिर्फ शामिल ही नहीं होता था बल्कि नवरात्रि में व्रत भी रखता था। लेकिन  2008 में द्वीप देश रिपब्लिक आफ पलाउ गया था, जो फिलीपीन्स के निकट है । उसके पहले वह नरमपंथी था लेकिन चार साल पहले जब वापस लौटा तो एकदम बदला हुआ था।

कश्मीर में बेचता था कपड़े

कमर उसके बाद में कश्मीर गया और वहां कपडे़ बेचे । जून 2017 में वह अपने साथी उसामा बिन जावेद के साथ भूमिगत हो गया । अप्रैल 2018 में वह अचानक सुर्खियों में आया, जब उसकी एके 47 लिये हुए फोटो फेसबुक पर आयी । उसने माना कि वह फोटो उसी ने पोस्ट की थी । साथ ही दावा किया कि वह हिजबुल का है।

कानपुर के मंदिर का मिला वीडियोअरूण ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले की उसकी गतिविधियों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है । हमें पता लगा है कि वह 12 दिन के लिए असम गया था और वहां छिप कर रहा था। उसने कश्मीर से धन लेकर स्मार्टफोन खरीदा। उसने अपने आकाओं से बात की और कानपुर आकर रहने लगा। कमर के मोबाइल फोन पर कानपुर के एक मंदिर की वीडियो मिली । उसके मोबाइल फोन से यह भी पता चला कि वह किस तरह इलाके की रेकी कर रहा था। 

जमात में होता था शामिल

आईजी ने बताया कि करीब चार साल तक जब वह रिपब्लिक आफ पलाऊ में रहा तो वहां अक्सर होने वाली जमात में शामिल होता था। वहां जमात के लिए आस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया से लोग आते थे। जमात में शामिल होने के बाद उसका झुकाव वहाबी विचारधारा की तरफ हो गया। वर्ष 2012 में भारत लौटने के बाद जुलाई 2013 में जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में कपड़े बेचने का काम करने लगा। वर्ष 2013 से 2017 के बीच वैवाहिक समारोहों व अन्य पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आता जाता रहा। 

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ) 

टॅग्स :कानपुरउत्तर प्रदेशआतंकी हमलाजम्मू कश्मीर समाचार
Open in App

संबंधित खबरें

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

क्राइम अलर्टरिजवान अहमद को दिल्ली पुलिस ने उठाया?, मोबाइल, लैपटॉप की जांच, 2017 मुंबई बम विस्फोट को लेकर कार्रवाई

ज़रा हटकेVIRAL: बुलडोजर पर सवार होकर पहुंची विधायक, वायरल हुआ अनोखा अंदाज

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

ज़रा हटकेVIDEO: फर्रुखाबाद में दिल दहला देने वाला हादसा, Thar से दबकर बुजुर्ग महिला की मौत

क्राइम अलर्ट अधिक खबरें

क्राइम अलर्टबिहार की राजधानी पटना से सटे खगौल में अपराधियों ने खुद को कस्टम अधिकारी बताकर स्वर्ण व्यापारियों से लूटा 16 किग्रा सोना

क्राइम अलर्टयूपी के मदरसे में शिक्षकों ने 10 साल के बच्चे को पीटा, एक ने उसे पकड़कर रखा, दूसरे ने डंडे से मारा, VIDEO

क्राइम अलर्टMotihari News: बिहार पुलिस ने मदरसे में की छापेमारी, पीएफआई से सांठगांठ का संदेह

क्राइम अलर्टपति-पत्नी और वो..., अवैध संबंध के चलते महिला ने सुहाग को उतारा मौत के घाट; आगरा पुलिस का खुलासा

क्राइम अलर्टबिहार में बेखौफ अपराधियों ने बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव के समधी के घर पर चलाई गोली, तीन लोगों को लगी गोली