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झारखंड: पूर्व मंत्री एनोस एक्का मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषी करार, 31 मार्च को सुनाई जायेगी सजा

By एस पी सिन्हा | Updated: March 22, 2020 07:18 IST

झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषी करार दिए गए हैं. कोर्ट ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 31 मार्च की तारीख निर्धारित की है.

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ठळक मुद्देझारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषी करार दिए गए हैं. कोर्ट ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 31 मार्च की तारीख निर्धारित की है.ईडी के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा की अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया है. पूर्व मंत्री पर लगभग 20 करोड़ 21 लाख रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है.

झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषी करार दिए गए हैं. कोर्ट ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 31 मार्च की तारीख निर्धारित की है. ईडी के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा की अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया है. पूर्व मंत्री पर लगभग 20 करोड़ 21 लाख रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है. सजा के बिंदुओं पर 31 मार्च, 2020 को सुनवाई होगी. उसी दिन एनोस एक्का को सजा सुनाई जा सकती है. 

प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व मंत्री एनोस एक्का से जुड़े 20 करोड़ 31 लाख 77 हजार 852 रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई. सात मार्च 2020 को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद फैसले के लिए अदालत ने 21 मार्च की तिथि निर्धारित की थी. लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी एनोस एक्का व उनके परिजनों की करोड़ों की संपत्ति जब्त कर चुकी है. इसमें रांची, बंगाल, दिल्ली की बेशकीमती जमीन, फ्लैट आदि शामिल हैं.

ईडी की विशेष अदालत ने एक्का को दोषी करार देने के बाद कहा कि सजा के बिंदुओं पर सुनवाई 31 मार्च को होगी. झारखंड पार्टी के नेता एनोस एक्का फिलहाल पारा शिक्षक हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. वर्ष 2009 में ईडी ने एनोस के खिलाफ इसीआइआर 01/पीएटी/09/एडी(एस) दर्ज कर छानबीन शुरू की. जांच एजेंसी ने 56 गवाहों को कोर्ट में पेश किया, जबकि एनोस ने अपने बचाव में 71 गवाहों की गवाही दर्ज करवाई. सुनवाई के दौरान ईडी ने एनोस द्वारा खरीदी गई संपत्ति से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज साक्ष्य के तौर पर पेश किये, जिसमें संपत्ति की 116 सेल डीड की कॉपी शामिल है. इस केस में सात सितंबर 2019 से बहस चल रही थी. 

यहां उल्लेखनीय है कि मधु कोड़ा की सरकार में 10 मार्च, 2005 से 31 मार्च, 2009 तक मंत्री रहे एनोस एक्का आय से अधिक संपत्ति मामले में भी सजायाफ्ता हैं. 25 फरवरी को सीबीआइ की विशेष अदालत ने उन्हें सात साल की जेल व 50 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी. इस केस में एनोस के अलावा उनकी पत्नी मेनन एक्का सहित परिवार के पांच सदस्यों को भी सजा हुई थी. वर्तमान में एनोस होटवार जेल में बंद हैं. इस मामले में सीबीआइ ने 10 अगस्त 2010 को प्राथमिकी दर्ज की थी, जबकि इससे एक साल पूर्व अक्टूबर 2009 में ईडी ने प्राथमिकी दर्ज की थी.

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