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मुजफ्फरपुर आश्रय गृह मामलाः कोर्ट ने ब्रजेश ठाकुर को उसके शेष जीवन के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 11, 2020 15:21 IST

दिल्ली की एक अदालत ने मुजफ्फरपुर आश्रय गृह मामले में बृजेश ठाकुर और 18 अन्य को कई लड़कियों के यौन एवं शारीरिक उत्पीड़न का दोषी करार दिया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ ने ठाकुर को पोक्सो कानून के तहत गंभीर यौन उत्पीड़न और सामूहिक बलात्कार का दोषी ठहराया।

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ठळक मुद्देअदालत ने मामले के आरोपियों में से एक को आरोपमुक्त कर दिया। ठाकुर ने 2000 में मुजफ्फरपुर के कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र से बिहार पीपुल्स पार्टी (बीपीपा) के टिकट पर चुनाव लड़ा था और हार गया था।

दिल्ली की अदालत ने मुजफ्फरपुर आश्रय गृह यौन शोषण मामले में बृजेश ठाकुर को जेल भेज दिया है। अदालत ने बृजेश ठाकुर, 18 अन्य को दोषी ठहराया था। दिल्ली की अदालत ने मुजफ्फरपुर आश्रय गृह यौन उत्पीड़न मामले में ब्रजेश ठाकुर को आजीवन कारावास की सजा दी। दिल्ली की अदालत ने ब्रजेश ठाकुर को उसके शेष जीवन के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

दिल्ली की एक अदालत ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक आश्रयगृह में कई लड़कियों के यौन शोषण और शारीरिक उत्पीड़न के मामले में ब्रजेश ठाकुर को मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ ने ठाकुर को उसके शेष जीवन के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने ठाकुर को 20 जनवरी को पॉक्सो कानून और भारतीय दंड संहिता (भादंसं) की संबंधित धाराओं के तहत बलात्कार तथा सामूहिक बलात्कार का दोषी ठहराया था।

दिल्ली की एक अदालत ने मुजफ्फरपुर आश्रय गृह मामले में बृजेश ठाकुर और 18 अन्य को कई लड़कियों के यौन एवं शारीरिक उत्पीड़न का दोषी करार दिया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ ने ठाकुर को पोक्सो कानून के तहत गंभीर यौन उत्पीड़न और सामूहिक बलात्कार का दोषी ठहराया।

अदालत ने मामले के आरोपियों में से एक को आरोपमुक्त कर दिया। आश्रय गृह ठाकुर द्वारा चलाया जा रहा था। गौरतलब है कि ठाकुर ने 2000 में मुजफ्फरपुर के कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र से बिहार पीपुल्स पार्टी (बीपीपा) के टिकट पर चुनाव लड़ा था और हार गया था। आरोपियों में 12 पुरुष और आठ महिलाएं शामिल थी।

यह मामला टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोसल साइंसेज (टिस) द्वारा 26 मई, 2018 को बिहार सरकार को एक रिपोर्ट सौंपने के बाद सामने आया था। इस रिपोर्ट में किसी आश्रय गृह में पहली बार नाबालिग लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न का खुलासा हुआ था। 

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