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फेसबुक पर फ़र्जी आईडी बनाकर उड़ाए करोडों रुपये, पुलिस ने किया गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

By वैशाली कुमारी | Updated: June 21, 2021 12:28 IST

पुलिस के मुताबिक साल 2017 मे सवाई माधो पुर निवासी गुंजन शर्मा ने इस मामले से संबंधित रिपोर्ट दर्ज करायी थी। इसके बाद पुलिस महानिदेशक के आदेश के बाद केस की जांच की गयी और आरोपी नीरज सूरी को गिरफ्तार किया गया।

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ठळक मुद्देआरोपी नीरज सूरी ने फेसबुक पर एक महिला से दोस्ती कर उसे 3.9 मिलियन डॉलर की संपत्ति का वारिस बनाने के नाम पर ठगी की थी।आरोपी  नाइजीरियाई मूल के लोगों के साथ गिरोह बनाकर व्यक्तियों को फर्जी आईडी से फेसबुक रिक्वेस्ट भेजकर उनको अपने जाल में फंसाता है। आरोपी ने महिला से करीब 2.5 करोड रुपये लगभग 55 बैंक खातों में मंगवा लिये। 

जयपुर : राजस्थान की पुलिस ने साइबर क्राइम करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी नीरज सूरी ने फेसबुक पर एक महिला से दोस्ती कर उसे 3.9 मिलियन डॉलर की संपत्ति का वारिस बनाने के नाम पर ठगी की थी। आरोपी को पुलिस ने देहरादून में गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक साल 2017 मे सवाई माधो पुर निवासी गुंजन शर्मा ने इस मामले से संबंधित रिपोर्ट दर्ज करायी थी। इसके बाद पुलिस महानिदेशक के आदेश के बाद केस की जांच की गयी और आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी ने Facebook पर रेबेका क्रिस्टीन (Rebecca Christine) नाम की आईडी बना कर पीड़िता से बातचीत शुरू की। बातचीत मे खुद को कैंसर का पीड़ित बताया और पति के ना होने की भी बात कही। आरोपी ने कहा कि उसकी 3.9 मिलियन डॉलर की सम्पत्ति का वारिस नहीं है और वह जायदाद उस महिला के नाम करना चाहता है। आरोपी ने मीठी मीठी बातों मे महिला को फंसा लिया।

आरोपी ने महिला से कहा कि उसका वकील बारमेक्स और भारतीय प्रतिनिधि बैन जॉनसन आगे की प्रक्रिया के लिये उससे कॉन्टेक्ट करेंगे। उसके बाद पीड़िता को फोरेन एक्सचेंज डिपार्टमेंट की तरफ से ईमेल आया। बैन जॉनसन नाम के प्रतिनिधि ने कॉन्टेक्ट करके महिला को बताया कि इंटरनेशनल मॉनिटरिंग फंड पर लगने वाले चार्जेज, प्रोसेसिंग फीस और वकील के खर्चे समेत अन्य कई तरह की फारमेल्टी में पैसा लगेगा। इन सभी के नाम पर आरोपी ने महिला से करीब 2.5 करोड रुपये लगभग 55 बैंक खातों में मंगवा लिये। 

प्रोपर्टी के लालच में महिला पैसा उसके बताये बैंक खातों में जमा करती गयी। पुलिस ने जब पूरे मामले की जांच की तो उसमें कई खुलासे हुए। पुलिस ने हाई टैक्नीक के इस्तेमाल से आरोपी नीरज सूरी को पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। 

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने एक फर्जी सीए कार्ड बनाकर दिल्ली, मसूरी और देहरादून में ऑफिस खोलकर लोगों को लोन दिलाने, जीएसटी, आईटीआर, पेनकार्ड और आधार कार्ड बनाकर उन्हीं डॉक्यूमेंट्स से फर्जी बैंक खाते खोलने के लिये डॉक्यूमेंट तैयार करता है। वह नाइजीरियन लोगों के साथ मिलकर उनको बैंक खाते खुलवा कर अधिक कमीशन कमाने का काम करता है।

आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए पिछले 5 सालों में 6 जगहों पर ऑफिस खोले। आरोपी  नाइजीरियाई मूल के लोगों के साथ गिरोह बनाकर व्यक्तियों को फर्जी आईडी से फेसबुक रिक्वेस्ट भेजकर उनको अपने जाल में फंसाता है। उन्हें गिफ्ट और बड़ी ईनाम राशि देने का झांसा देता था।

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