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Assembly Eelctions 2023: तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में रहेंगे नक्सल प्रभावित मतदान केंद्र, छत्तीसगढ़ में ड्रोन और हेलीकॉप्टर से भी होगी निगरानी

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: November 5, 2023 22:41 IST

नक्सल प्रभावित अंदरूनी इलाकों में 600 से अधिक मतदान केंद्र तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरे में होंगे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग के मानदंडों के अनुसार अन्य मतदान केंद्रों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बल और स्थानीय पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था होगी।

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ठळक मुद्देनक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के संवेदनशील इलाकों में मतदान कराना चुनौती600 से अधिक मतदान केंद्र तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में रहेंगेशांतिपूर्ण मतदान के लिए लगभग 60 हजार जवानों को तैनात किया गया है

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मंगलवार, 7 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के संवेदनशील इलाकों में स्थित 600 से अधिक मतदान केंद्र तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में रहेंगे। पुलिस अधिकारियों ने रविवार को बताया कि 12 विधानसभा क्षेत्रों वाले बस्तर संभाग में शांतिपूर्ण मतदान के लिए लगभग 60 हजार जवानों को तैनात किया गया है जिनमें से 40 हजार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) तथा 20 हजार राज्य पुलिस के जवान हैं।

उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से बस्तर संभाग के पांच विधानसभा क्षेत्रों के कुल 149 मतदान केंद्रों को नजदीकी थानों और सुरक्षा शिविरों में स्थानांतरित कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन और हेलीकॉप्टर के माध्यम से भी माओवादी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए सात और 17 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा। पहले चरण में जिन 20 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा उनमें बस्तर संभाग की 12 विधानसभा सीटें शामिल हैं। इन 12 सीटों में से अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंटा सीटों पर सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक मतदान होगा।

शेष तीन सीटों- बस्तर, जगदलपुर और चित्रकोट पर मतदान का समय सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक है। बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने एक बयान में बताया, ''बस्तर संभाग में विधानसभा चुनाव के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मतदान केंद्र और सड़कों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बल और विशेष बल जैसे डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड, स्पेशल टास्क फोर्स, बस्तर फाइटर्स और सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन को तैनात किया गया है।'' सुंदरराज ने कहा कि निकटवर्ती राज्यों-तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा के विशेष बल भी अंतरराज्यीय सीमा पर मोर्चा संभालेंगे।

उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित अंदरूनी इलाकों में 600 से अधिक मतदान केंद्र तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरे में होंगे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग के मानदंडों के अनुसार अन्य मतदान केंद्रों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बल और स्थानीय पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि आंतरिक इलाकों में 156 से अधिक मतदान केंद्रों के मतदान कर्मियों और ईवीएम को हेलीकॉप्टरों के माध्यम से उनके गंतव्यों तक पहुंचाया जा रहा है। सुंदरराज ने बताया कि सुरक्षा कारणों से बीजापुर, नारायणपुर, अंतागढ़, दंतेवाड़ा और कोंटा विधानसभा क्षेत्रों के कुल 149 मतदान केंद्रों को निकटतम थाने और सुरक्षा शिविर में स्थानांतरित कर दिया गया है। साल 2018 के विधानसभा चुनावों में 196 मतदान केंद्रों को स्थानांतरित किया गया था जबकि 2019 के लोकसभा चुनावों में 330 बूथ को स्थानांतरित किया गया था। बयान में कहा गया है कि 2018 के विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार 126 से अधिक स्थानों पर नए मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। उसके मुताबिक, इनमें से मिनपा, गलगाम, सिलगेर, चंदामेटा जैसे 40 मतदान केंद्रों को सुरक्षा स्थिति सामान्य होने के बाद उनके मूल गांवों में फिर से स्थापित किया गया है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि संभाग के सात जिलों में से प्रत्येक में कम से कम पांच मतदान केंद्र महिला कमांडो की सुरक्षा में होंगे। सुंदरराज ने बताया कि ड्रोन और हेलीकॉप्टर के जरिए नक्सली गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी। इसमें बम निरोधक टीम और श्वान दस्ते को भी शामिल किया जाएगा। पुलिस महानिरीक्षक ने बयान में कहा, ''प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) ने चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने के लिए हिंसक गतिविधियों का सहारा लिया है क्योंकि वे बस्तर क्षेत्र के विकास को देखकर निराश हैं। यह माओवादी संगठन की पुरानी शैली है जो उनके अलोकतांत्रिक चेहरे का प्रमाण है।'' 

उन्होंने कहा कि बस्तर के निवासी, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल के सभी सदस्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने तथा बस्तर की शांति, सुरक्षा और विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। सुंदरराज ने शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सभी सुरक्षा इंतजाम किए जाने का आश्वासन देते हुए बस्तर के मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचकर मतदान करने और अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी का निर्वहन करने की अपील की है।

नक्सलियों ने मतदाताओं से बस्तर क्षेत्र में चुनाव का बहिष्कार करने का आह्वान किया है। उन्होंने शनिवार को नारायणपुर जिले के एक गांव में एक भाजपा नेता की उस समय हत्या कर दी, जब वह पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। अक्टूबर 2018 में, दंतेवाड़ा जिले में विधानसभा चुनाव से पहले एक नक्सली हमले में तीन पुलिसकर्मी और दूरदर्शन के कैमरामैन की मृत्यु हुई थी। पहले चरण के मतदान के लिए 20 विधानसभा सीटों पर 5304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पहले चरण के 20 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 223 उम्मीदवार हैं जिनमें 198 पुरुष तथा 25 महिला हैं। प्रथम चरण के लिए 40 लाख 78 हजार 681 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। इनमें 19 लाख 93 हजार 937 पुरुष मतदाता, 20 लाख 84 हजार 675 महिला मतदाता तथा 69 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं।

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