नई दिल्लीः पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे माल की कीमतों में आई तेजी के बीच एडहेसिव (चिपकाने वाले उत्पाद) और निर्माण रसायन बनाने वाली कंपनी पिडिलाइट इंडस्ट्रीज कीमतों में एक और दौर की वृद्धि पर विचार कर रही है। कंपनी के प्रबंध निदेशक सुधांशु वत्स ने यह जानकारी दी। फेविकोल, डॉ. फिक्सिट, फेवीक्विक और एम-सील जैसे ब्रांड की मालिक कंपनी अप्रैल और मई में पहले ही दो बार कीमतें बढ़ा चुकी है। वत्स ने कंपनी के तिमाही नतीजों की घोषणा के बाद संवाददाताओं से कहा कि कंपनी के कच्चे माल की लागत, जो मुख्य रूप से कच्चे तेल से जुड़े उत्पादों पर आधारित है, पश्चिम एशिया संकट के कारण भारित औसत आधार पर 40-50 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
उन्होंने कहा, “पश्चिम एशिया संकट का असर हमारे कारोबार पर भी पड़ा है। यह तिमाही के आखिर में आया, इसलिए उसका असर आंकड़ों में ज्यादा नहीं दिखा, लेकिन आगे कच्चे माल की कीमतें बढ़ी हैं।” वत्स ने कहा कि कंपनी अपनी नीति के अनुरूप लागत वृद्धि को चरणबद्ध तरीके से बाजार पर डालेगी।
उन्होंने कहा, “हम कच्चे माल की लागत में हुई वृद्धि को रुपये के आधार पर देखेंगे और उसी हिसाब से संतुलित तरीके से कीमतों में बढ़ोतरी जारी रखेंगे। हमारा ध्यान वृद्धि पर रहेगा और हम 20-24 प्रतिशत के कर-पूर्व लाभ (एबिटा) के मार्जिन दायरे को बनाए रखेंगे।” कंपनी पहले ही फेविकोल की कीमतों में 12-15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर चुकी है।
वत्स ने उम्मीद जताई कि पश्चिम एशिया संकट पर इस महीने के भीतर किसी प्रकार का समाधान निकल सकता है, जिससे मांग पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है और महंगाई बनी रहती है तो इसका असर उपभोक्ता मांग पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा, “अगर संकट ज्यादा समय तक चलता है तो महंगाई मांग को प्रभावित कर सकती है, लेकिन यदि स्थिति जल्द नियंत्रित हो जाती है तो मांग मजबूत बनी रहेगी।” उन्होंने कहा कि कंपनी ने मौजूदा तिमाही के लिए आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है और वह वृद्धि तथा मांग सृजन पर ध्यान केंद्रित किए हुए है।
वित्त वर्ष 2026-27 के बारे में पूछे जाने पर वत्स ने कहा कि नए वित्त वर्ष की शुरुआत में मांग के रुझान उत्साहजनक बने हुए हैं और शहरी तथा ग्रामीण दोनों बाजारों में खपत मजबूत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वृद्धि अब भी शहरी बाजारों से बेहतर रही। हालांकि, चौथी तिमाही में शहरी मांग में भी मजबूत सुधार देखा गया।
पिडिलाइट इंडस्ट्रीज का वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ 36.63 प्रतिशत बढ़ाकर 584.15 करोड़ रुपये रहा है। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का राजस्व 13.24 प्रतिशत बढ़कर 3,648.16 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल एकीकृत आय 11 प्रतिशत बढ़कर 14,867 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।