लाइव न्यूज़ :

आरबीआई ने बैंकों से खुदरा, एमएसएमई को दिये कर्ज को लेकर सतर्क रहने को कहा: रिपोर्ट

By भाषा | Updated: July 1, 2021 21:47 IST

Open in App

मुंबई, एक जुलाई भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बृहस्पतिवार को बैंकों से खुदरा और छोटी कंपनियों को दिये गये कर्ज पर नजर रखने को कहा। उसने कहा कि ये दोनों क्षेत्रों पर काफी दबाव दिख रहा है।

छमाही वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में आरबीआई ने बैंकों से मौजूदा अनुकूल बाजार स्थिति में पूंजी स्थिति मजबूत करने, संचालन व्यवस्था में सुधार लाने और वैश्विक अनिश्चितता के प्रभाव को लेकर सतर्क रहने को भी कहा।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘बैंकों को खासकर प्रतिकूल चयन पूर्वाग्रह से बचने के साथ उत्पादक और व्यवहारिक क्षेत्रों से होने वाली कर्ज मांग को लेकर सजग रहने की जरूरत है।’’

इसमें कहा गया है कि बहुत उम्मीद के साथ कोविड महामारी की दूसरी लहर का प्रभाव चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही तक रहना चाहिए। जबकि मुद्रस्फीति को लेकर दबाव छमाही तक बने रहने की आशंका है।

आरबीआई ने कहा कि उपभोक्ता कर्ज बैंकों के लिये पसंदीदा हो गया था। लेकिन छह महीने यानी सितंबर 2020 तक कर्ज लौटाने को लेकर दी गयी मोहलत के बाद इस मामले में स्थिति बिगड़ी है।

कर्ज ले रखी आबादी के मामले में ग्राहक जोखिम वितरण जनवरी 2021 में इससे पूर्व जनवरी 2020 के मुकबले अपेक्षाकृत उच्च जोखिम की ओर बढ़ा है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से इतर वित्तीय संस्थानों में ग्राहक कर्ज पोर्टफोलियो में शुरूआती दबाव के संकेत दिख रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार उपभोक्ता कर्ज के मामले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिये कर्ज भुगतान में चूक की दर जनवरी 2021 में सुधरकर 1.8 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी महीने में 2.9 प्रतिशत थी। वहीं निजी क्षेत्रों के मामले में यह दोगुना होकर 2.4 प्रतिशत तथा गैर-बैंकिंग क्षेत्रों के लिये 5.3 प्रतिशत से बढ़कर 6.7 प्रतिशत हो गयी।

सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को कर्ज के मामले में निजी क्षेत्रों के बैंकों में 9.23 प्रतिशत की अच्छी वृद्धि हुई जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के मामले में यह 0.89 प्रतिशत है। इसकी वजह आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) में तीव्र वृद्धि है। इसके तहत फरवरी 2021 तक 2.46 लाख कर्ज दिये गये।

आरबीआई के अनुसार हालांकि छोटे कर्ज के मामले में ऋण पुनर्गठन किया गया है, इसके बावजूद एमएसएमई को लेकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिये दबाव बना हुआ है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटRR vs RCB: रवि बिश्नोई ने विराट कोहली को किया क्लीन बोल्ड, प्रतिक्रिया में साफ झलकी निराशा, VIIDEO

भारत'SIR में हटाए गए 91 लाख वोटों में से 63% बंगाली हिंदू हैं', विधानसभा चुनावों से पहले अभिषेक बनर्जी का बड़ा दावा

बॉलीवुड चुस्कीSamay Raina Net Worth: कॉमेडियन का लगभग ₹200 करोड़ का साम्राज्य स्टैंड-अप्स, चेस स्ट्रीम्स, ब्रांड डील्स और अन्य चीज़ों पर आधारित

क्रिकेटबाबर आज़म ने तोड़ा क्रिस गेल का रिकॉर्ड, T20 में ऐसा करने वाले बने पहले बल्लेबाज, कोहली तीसरे पर

क्रिकेट37 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच, 147.61 की औसत से 403 रन और 7.58 की औसत से 35 विकेट, वानिंदु हसारंगा की जगह LSG में शामिल जॉर्ज लिंडे

कारोबार अधिक खबरें

कारोबार10 अप्रैल सोने का भाव?, जानिए 18, 22 और 24 कैरेट के लिए आपको कितना पैसा देना होगा?

कारोबारकिसान को 9000, महिला को 3000 और ग्रेजुएट युवा को 3,000 रुपये?, भाजपा का 'संकल्प पत्र' जारी, अमित शाह ने खेला दांव, वीडियो

कारोबारनेपाल में पेट्रोल 17, किरोसिन-डीजल 25 रुपया महंगा?, सिलेंडर की कीमत में 100 रुपये की बढ़ोतरी, नई दरें 10 अप्रैल से लागू

कारोबारAgricultural Land Tax Rules: बिना टैक्स चुकाए कैसे बेचें अपनी कृषि भूमि? जानें टैक्स बचाने के कानूनी रास्ते

कारोबारPetrol-Diesel Price Today: ग्लोबल टेंशन के बीच तेल कंपनियों ने जारी किए नए दाम, जानें आज कितनी ढीली होगी जेब