लाइव न्यूज़ :

रघुराम राजन ने कहा, "भारतीय उत्पादों को 'अल्पसंख्यक विरोधी' छवि के कारण नुकसान उठाना पड़ सकता है"

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: April 22, 2022 18:48 IST

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने टाइम्स नेटवर्क इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में देश की मौजूदा घटनाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि भारत की बन रही 'अल्पसंख्यक विरोधी' छवि से भारतीय उत्पादों के परेशानी खड़ी हो सकती है।

Open in App
ठळक मुद्देरघुराम राजन ने कहा कि मौजूदा धार्मिक उन्माद भारतीय बाजार को नुकसान पहुंचा सकता है अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि अल्पसंख्यक विरोधी बनती जा रही है, जो भारतीय हितों के विपरीत हैराजन ने कहा कि लोकतंत्र में सभी नागरिकों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना चाहिए

मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर और जानेमाने अर्थशास्त्री रघुराम राजन ने गुरुवार को भारत में कथिततौर पर अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं को लेकर कहा कि 'अल्पसंख्यक विरोधी' छवि के कारण भारतीय उत्पादों के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है।

रघुराम राजन ने कहा कि मौजूदा धार्मिक उन्माद भारतीय बाजार को नुकसान पहुंचा सकता है और इसके परिणामस्वरूप विदेशी सरकारों में भी इस बात को लेकर काफी चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि अल्पसंख्यक विरोधी बनती है तो इससे कहीं न कहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय उत्पादों को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

टाइम्स नेटवर्क इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में बोलते हुए राजन ने कहा, "हमें लोकतंत्र के रूप में सभी नागरिकों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होगा तो हो सकता है कि भारत में निवेश करने वाले विदेशी निवेशक भी इस बात से चिंतित हो सकते हैं कि अगर भारत में अल्पसंख्यक विरोधी घटनाएं होती रही तो ऐसे अशांत माहौल में किसी भी व्यवसाय के लिए स्थितियां ठीक नहीं रहेंगी और छवि बिगड़ने के कारण विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी कम हो सकती है।

शिकागो के बूथ स्कूल आफ बिजनेस में प्रोफेसर रघुराम राजन ने कहा कि वैश्विक नजरिये से देखें तो मौजूदा हालात में भारत की छवि तेजी से बदल रही है। भारत पहले अपनी धर्मनिर्पेक्षता और लोकतंत्र के कारण एक ताकतवर देश के रूप में उभर रहा था, लेकिन अब जो छवि बन रही है, उसमें भारत की स्थिति अल्पसंख्यक विरोधी देश जैसी बनती जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह केवल उपभोक्ता नहीं हैं जो इस तरह के विकल्प चुनते हैं कि किसको संरक्षण देना है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में गर्मजोशी भी इस तरह की धारणाओं से तय होती है, क्योंकि सरकारें इस आधार पर निर्णय लेती हैं कि कोई देश "विश्वसनीय भागीदार" है या नहीं। यह अपने अल्पसंख्यकों को संभालता है।

इसके साथ ही रघुराम राजन ने केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरूपयोग के बारे में बोलते हुए कहा चुनाव आयोग, प्रवर्तन निदेशालय या केंद्रीय जांच ब्यूरो जैसी संवैधानिक संस्थाओं को कम आंकने से हमारे देश के लोकतांत्रिक चरित्र का क्षरण होता है। राजन ने भारत के अन्य घरेलू मामलों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा वापस लिये गये तीन कृषि कानूनों जैसी शर्मिंदगी से बचने के लिए प्रमुख हितधारकों के साथ चर्चा करनी चाहिए। 

टॅग्स :रघुराम राजनजहांगीरपुरी सांप्रदायिक हिंसा
Open in App

संबंधित खबरें

भारतHanuman Jayanti 2025: दिल्ली के जहांगीरपुरी में बढ़ाई गई सुरक्षा, हनुमान जयंती पर निकाली जाएगी शोभायात्रा, चप्पे-चप्पे पर नजर

बॉलीवुड चुस्कीWATCH: विक्रांत मैसी और रोडीज फेम रघु राम के बीच सेट पर हुई लड़ाई, दोनों के बीच हुई गाली-गलौच

क्रिकेटपूर्व गर्वनर रघुराम राजन ने आखिर क्यों कि विराट कोहली की तुलना भारतीय युवाओं से, यहां जानें

भारतभाजपा ने विकास दर 7.2 रहने पर रघुराम राजन और कांग्रेस पर किया पलटवार, जानें क्या कहा

कारोबार'भारत का मोबाइल फोन निर्यात, मैन्युफैक्चर से नहीं, असेंबल से प्रेरित है', RBI के पूर्व गर्वनर रघुराम राजन ने जताई चिंता

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारपश्चिम एशिया में 10,000 से अधिक कर्मचारी?, टाटा समूह ने सहायता योजना की शुरू

कारोबारGold Rate Today: 3 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,50,865 प्रति 10 ग्राम

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

कारोबारपाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 458.40, केरोसिन दाम 457.80 और डीजल की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर?