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प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए धन नहीं जुटाया, टाटा अमेरिका को न्यूयॉर्क की अदालत का समन

By भाषा | Updated: December 14, 2021 20:25 IST

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के जे बेनीशेन

मुंबई, 14 दिसंबर अमेरिका की एक संघीय अदालत ने टाटा समूह की कंपनी टाटा अमेरिका को अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने के मामले में समन भेजा है। उसे टाटा समूह के संरक्षक रतन टाटा ने प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए 50 करोड़ डॉलर जुटाने का कथित तौर पर निर्देश दिया था।

समूह की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी टाटा अमेरिका इंटरनेशनल कॉरपोरेशन ने न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले की संघीय अदालत द्वारा भेजे गए समन को सारहीन बताते हुए कहा है कि यह उस पर बाध्यकारी नहीं है।

पीटीआई-भाषा को उपलब्ध दस्तावेजों के मुताबिक, टाटा अमेरिका ने यह अभियोग लगाने वाले पंकज के फडणीस को तत्काल याचिका वापस न लेने की स्थिति में गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी भी दी है। फडणीस वर्ष 2017-19 के दौरान टाटा ट्रस्ट्स के वरिष्ठ सलाहकार थे।

अमेरिकी संघीय अदालत के न्यायाधीश एडगार्दो रामोस ने गत तीन दिसंबर को फडणीस की याचिका पर टाटा अमेरिका को समन भेजा है। इस याचिका में फडणीस ने कहा था कि रतन टाटा ने उन्हें प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए 50 करोड़ डॉलर जुटाने में मदद करने को कहा था। इसके लिए ‘न्यूयॉर्क स्थित एक भारतीय पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट का प्रबंधन दुरुस्त करने’ को कहा गया था।

इस संदर्भ में रतन टाटा और समूह की मूल कंपनी टाटा संस को भेजे गए ई-मेल के जवाब 24 घंटे बाद भी नहीं मिले हैं। टाटा संस के प्रवक्ता को किए गए फोन का भी कोई जवाब नहीं मिला।

न्यूयॉर्क के इस ट्रस्ट का गठन 1970 में दिनशॉ एडुल्जी के निधन के बाद किया गया था। दिनशॉ के पिता फ्रेमरोज दिनशॉ थे जिन्होंने बीसवीं सदी के शुरुआती दशकों में टाटा स्टील और टाटा पावर को बड़ी रकम उधार दी थी।

फडणीस ने अपनी याचिका में कहा है कि रतन टाटा ने ही उन्हें दिनशॉ ट्रस्ट को दुरुस्त कर प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए धन जुटाने को कहा था। यह काम टाटा अमेरिका के जरिये किया जाना था लेकिन इस कंपनी ने निर्देश का पालन नहीं किया।

टाटा अमेरिका के मुताबिक, न्यूयॉर्क की इसी अदालत ने गत मार्च में फडणीस की पहली याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि वादी टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के दायित्वों के टाटा अमेरिका पर आरोपित होने की वजह नहीं बता पाया है।

कंपनी के मुताबिक, कथित समझौता फडणीस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच हुआ था और उसका इससे कोई नाता नहीं है।

हालांकि, फडणीस ने अपनी नई याचिका में कहा है कि भले ही उनका समझौता टाटा ट्रस्ट्स से हुआ था लेकिन 24 अगस्त, 2018 को खुद रतन टाटा ने उन्हें सूचित किया था कि उन्होंने यह मामला टाटा अमेरिका को सौंप दिया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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