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मार्च, अप्रैल के जीएसटी के मासिक 3बी रिटर्न, कर भुगतान में देरी पर विलंब शुल्क माफ

By भाषा | Updated: May 2, 2021 20:14 IST

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नयी दिल्ली, दो मई सरकार ने मार्च और अप्रैल 2021 माह के लिये जीएसटी के मासिक रिटर्न जीएसटीआर-3बी को जमा कराने में देरी पर विलंब शुल्क को माफ कर दिया है। देरी से रिटर्न दायर करने पर लगने वाले दंड ब्याज की दर में भी कमी की गई है।

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कोविड19 की दूसरी लहल के कारण करदाताओं को विभिन्न सांविधिक एवं नियामकीय शर्तों को पूरा करने में आ रही कठिनाई को देखते हुए उसने उनको राहत देने के कई कदम उठाए हैं।

पांच करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करने वाले करदाताओं को मासिक संक्षिप्त रिटर्न दायर करने के लिये 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है और वे इस दौरान बिना किसी विलंब शुल्क के कर भुगतान कर सकते हैं।

करदाताओं को इन 15 दिनों के लिये नौ प्रतिशत की घटी दर पर ब्याज देना होगा जिसके बाद यह दर 18 प्रतिशत होगी।

वहीं पिछले वित्त वर्ष के दौरान पांच करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वालों को मार्च और अप्रैल के लिये 3बी रिटर्न दाखिल करने के लिये मूल तिथि के मुकाबले 30 दिन का अधिक समय दिया गया है और देरी से रिटर्न दाखिल करने का विलंब शुल्क भी माफ किया गया है। पहले 15 दिन के लिये ब्याज दर ‘शून्य’ होगी, उसके बाद यह नौ प्रतिशत की दर से ली जायेगी और 30 दिन के बाद 18 प्रतिशत की दर से ब्याज देय होगा।

केन्द्रीय अप्रतयक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक मई को यह अधिसूचना जारी की है जिसमें कहा गया है कि ये रियायतें 18 अप्रैल से प्रभाव में आयेंगी।

इसके साथ ही अप्रैल की बिक्री रिटर्न जीएसटीआर-1 को दाखिल करने की समयसीमा 26 मई तक बढ़ा दी गई है जिसे 11 मई को दाखिल किया जाना था। कंपोजीशन डीलरों के लिये जो कि जीएसटीआर- 4 दाखिल करते हैं, वित्त वर्ष 2020- 21 के लिये बिक्री रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा एक माह बढ़ाकर 31 मई कर दी गई है।

एएमआरजी एण्ड एसोसियेट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कोविड महामारी से उत्पन्न मौजूदा स्थिति को देखते हुये सरकार ने मार्च और अप्रैल 2021 दो माह के लिये अनुपालन संबंधी राहतों की पेशकश की है। इस समय देश के प्रत्येक कारोबारी को अनुपालन में किसी न किसी तरह के विसतार की आवश्यकता है। ‘‘बड़े करदाताओं को विलंब शुल्क से पूरी छूट का लाभ मिलेगा जबकि जीएसटीआर3बी दाखिल करने में 15 दिन की देरी पर ब्याज दर में आंशिक राहत दी गई है। वहीं छोटे करदाताओं को इसी तरह का लाभ 30 दिन की देरी होने पर भी मिलेगा।’’

कारोबारी किसी एक महीने की बिक्री का ब्यौरा जीएसटीआर-1 में उसके अगले महीने की 11 तारीख तक भर देते हैं जबकि जीएसटीआर- 3बी को अगले महीने की 20 से 24 तारीख के बीच भरा जाता है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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