लाइव न्यूज़ :

Inflation: मुद्रास्फीति अगस्त में लगातार तीसरे महीने घटकर 12.41 प्रतिशत पर, खाद्य वस्तुओं के दामों में तेजी, जानें जुलाई का हाल

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: September 14, 2022 14:29 IST

Inflation: पिछले साल अगस्त में 11.64 फीसदी थी। डब्ल्यूपीआई मुद्रास्फीति में लगातार तीसरे महीने गिरावट का रुख देखने को मिला है। इससे पहले पिछले साल अप्रैल से लगातार 17वें महीने में यह दहाई अंकों में रही।

Open in App
ठळक मुद्देमई में 15.88 फीसदी के रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी।अगस्त में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति बढ़कर 12.37 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो जुलाई में 10.77 प्रतिशत थी। ईंधन और बिजली में महंगाई दर अगस्त में 33.67 फीसदी रही, जो इससे पिछले महीने 43.75 फीसदी थी।

नई दिल्लीः विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में नरमी होने से थोक कीमतों पर आधारित मुद्रास्फीति अगस्त में लगातार तीसरे महीने घटकर 12.41 प्रतिशत पर आ गई। खाद्य वस्तुओं के दामों में तेजी के बावजूद मुद्रास्फीति का आंकड़ा घटा है। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति इससे पिछले महीने, जुलाई में 13.93 फीसदी थी।

यह पिछले साल अगस्त में 11.64 फीसदी थी। डब्ल्यूपीआई मुद्रास्फीति में लगातार तीसरे महीने गिरावट का रुख देखने को मिला है। इससे पहले पिछले साल अप्रैल से लगातार 17वें महीने में यह दहाई अंकों में रही। डब्ल्यूपीआई इस वर्ष मई में 15.88 फीसदी के रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी।

अगस्त में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति बढ़कर 12.37 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो जुलाई में 10.77 प्रतिशत थी। समीक्षाधीन महीने में सब्जियों के दाम जुलाई में घटकर 22.29 फीसदी पर आ गए, जो पिछले महीने 18.25 फीसदी पर थे। ईंधन और बिजली में महंगाई दर अगस्त में 33.67 फीसदी रही, जो इससे पिछले महीने 43.75 फीसदी थी।

विनिर्मित उत्पादों और तिलहन की मुद्रास्फीति क्रमशः 7.51 प्रतिशत और नकारात्मक 13.48 प्रतिशत थी। भारतीय रिजर्व बैंक मुख्य रूप से मौद्रिक नीति के जरिए मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखता है। खुदरा मुद्रास्फीति लगातार आठवें महीने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय लक्ष्य से ऊपर रही।

अगस्त में यह 7 प्रतिशत पर थी। महंगाई पर काबू पाने के लिए आरबीआई ने इस साल प्रमुख ब्याज दर को तीन बार बढ़ाकर 5.40 फीसदी कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने 2022-23 में खुदरा मुद्रास्फीति के 6.7 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया है। 

टॅग्स :मुद्रास्फीतिइकॉनोमीNirmal Sitharaman
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारतेज आर्थिक विकास के साथ उन्नत परमाणु हथियारों से सुसज्जित मजबूत सैन्य शक्ति बनने की आवश्यकता

कारोबारStock Market: 1600 अंक गिरा बाजार?, होर्मुज को लेकर अनिश्चितता, रुपया 41 पैसे टूटकर सर्वकालिक निचले स्तर 93.94 प्रति डॉलर पर

कारोबारब्रिटेन की बादशाहत क्यों याद आ गई?, लेकिन जंग की सनक ले डूबी

कारोबारडूबते डेल्टा और संकट में देश का भविष्य?, देश की खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की रीढ़

कारोबारकच्चे तेल की कीमतों में उछाल से फिलहाल महंगाई में कोई खास बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारITR Filing 2026: ITR दाखिल करने से पहले ये बातें जान लेना है बेहद जरूरी, जानें कब से शुरू हो रही है प्रक्रिया और कैसे बचाएं पेनाल्टी

कारोबारGold Rate Today: 4 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,52,650 प्रति 10 ग्राम

कारोबारiPhone जैसा Selfie? Realme 16 5G आया मार्केट में 7000mAh बैटरी, जानें फीचर्स

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: कहीं महंगा तो कहीं स्थिर; OMC ने दी 4 अप्रैल के पेट्रोल-डीजल रेट की अपडेट, पूरी लिस्ट यहां