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वैश्विक संकट के बाद भी भारतीय अर्थव्यवस्था रही स्थिर, जानिए कैसे हुआ संभव

By अंजली चौहान | Updated: September 12, 2024 16:59 IST

Indian Economy Under Control:दुनिया के कई बड़े देश यूक्रेन और रूस के युद्ध से चिंतित है और अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने में जुटे हुए हैं।

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Indian Economy Under Control: दुनियाभर में रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग सिरदर्द बनी हुई है। दोनों देशों के बीच युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। इस युद्ध ने कई देशों की इकोनॉमी को प्रभावति किया है लेकिन भारत इस संकट की स्थिति में भी स्थिर खड़ा रहा है। इसका अहम कारण है भारत की कूटनीतिक समझ जिसके कारण उसने युद्ध के बीच रास्ता निकाला है। और स्थिरता का माहौल देश में पैदा किया। 

यूरोपीय देशों ने रूस से तेल की आपूर्ति बंद होने के बाद अन्य स्रोतों की खोज करना शुरू किया जिससे वैश्विक बाजार में तेल की मांग बढ़ गई और कीमतें बढ़ गई। इसका सीधा असर भारत पर पड़ा। जहां महंगाई और आयात का संकट खड़ा हो गया। क्योंकि भारत अपनी तेल की आपूर्ति का लगभग 80 प्रतिशत आयात करता है। ऐसे में  मोदी सरकार ने बीच का रास्ता निकाला। चूंकि मौजूदा समय में सत्ता में बीजेपी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार है ऐसे में सरकार ने कूटनीति के जरिए रास्ता निकाला।

भारत ने अन्य पश्चिमी देशों से संतुलन बनाते हुए तेल का आयात जारी रखा। इसका परिणाम यह हुआ कि सरकार वैश्विक संकट के बावजूद स्थिर बनी रही। कई प्रतिबंधों के बावजूद भारत ने रूस से सस्ता तेल खरीदना जारी रखा और उसकी मात्रा को भी बढ़ाया। यह कदम भारत के लिए आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हुआ। क्योंकि इससे महंगे तेल के आयात से बचा जा सका गया। इससे घरेलू महंगाई पर काबू रखा जा सका। 

इसके अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध का एक प्रमुख वैश्विक प्रभाव तेल की कीमतों पर पड़ा, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। भारत के लिए यह स्थिति बड़ी चुनौती हो सकती थी लेकिन रूस से सस्ता तेल खरीद कर सरकार ने स्थिति को संभाल लिया। इससे भारतीय जनता पर तेल की कीमतों के उछाल का असर नहीं पड़ा। भारत सरकार ने इस संकट से सुलझने के लिए सब्सिडी भी दी जिससे उपभोक्ताओं पर महंगाई का बोझ कम हो गया।

रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक सहमति के बीच मोदी सरकार की प्रतिष्ठा ने भारत को आर्थिक संकट से बचाने में मदद की। वैश्विक संकट के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने में तेल आपूर्ति और नियंत्रण बनाए रखना सरकार की सफलता का प्रमाण है।

टॅग्स :इकॉनोमीभारतरूस-यूक्रेन विवादरूसमोदी सरकार
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