CPO, Soybean fall, Mustard improvement | सीपीओ, सोयाबीन में गिरावट, सरसों में सुधार
सीपीओ, सोयाबीन में गिरावट, सरसों में सुधार

नयी दिल्ली, 21 नवंबर पूरी दुनिया में हल्के तेलों और देश के भीतर सरसों तेलों (विशेषकर सरसों कच्ची घानी तेल) की मांग बढ़ने से दिल्ली तेल तिलहन बाजार में शनिवार को सरसों दाना सहित इसके तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ। दूसरी ओर, देश के विभिन्न हिस्सों में आंशिक लॉकडाउन से होटल और रेस्तरां की मांग प्रभावित होने से सीपीओ की कीमतों में गिरावट आई, जबकि बिनौलातेल के मुकाबले महंगा होने के कारण मांग घटने से सोयाबीन डीगम में भी गिरावट दर्ज हुई।

तेल कारोबार के जानकार सूत्रों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर हल्के तेलों की मांग है और विशेषकर उत्तरी भारत में सरसों कच्ची घानी तेल की मांग है। जाड़े के मौसम में हरी सब्जियों के अलावा भी इस तेल की खपत बढ़ जाती है। जनवरी फरवरी के महीने में इस तेल की खपत में भारी वृद्धि होने की संभावना है। मांग होने के बीच सरसों का स्टॉक काफी कम होने से सरसों तेल तिलहन कीमतों में सुधार का रुख देखने को मिला। सरसों दाना 10 रुपये के सुधार के साथ 6,270-6,320 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ, जबकि सरसों दादरी 30 रुपये के सुधार के साथ 12,480 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ। सरसों पक्की और कच्ची घानी की कीमतें पांच-पांच रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 1,880-2,030 रुपये और 2,000-2,110 रुपये प्रति टिन पर बंद हुई।

उन्होंने कहा कि यूक्रेन में उत्पादन प्रभावित होने के कारण सूरजमुखी रिफाइंड तेल का भाव बढ़कर 130 रुपये किलो हो गया है, जबकि सोयाबीन रिफाइंड 116 रुपये किलो हो चला है। सरसों भी 125 रुपये किलो के लगभग में है। भाव का अंतर कम होने की वजह से लोग सरसों को तरजीह दे रहे हैं।

बिनौलातेल के मुकाबले सोयाबीन तेल के महंगा होने के कारण मांग घटने से सोयाबीन डीगम में भी 40 रुपये की गिरावट दर्ज हुई और भाव 10,450 रुपये क्विन्टल पर बंद हुआ। बिनौला तेल का भाव सोयाबीन डीगम के मुकाबले लगभग 700-800 रुपये क्विन्टल नीचे है।

देश के कुछेक हिस्सों में आंशिक लॉकडाउन को देखते हुए होटलों और रेस्तरां में सस्ते आयातित तेल सीपीओ की मांग प्रभावित होने से इस तेल की कीमत 40 रुपये की हानि के साथ 9,230 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।

सूत्रों ने कहा कि राजस्थान में सरसों बिक्री के लिए सहकारी संस्था नाफेड को 5,971 रुपये क्विन्टल के भाव बोली प्राप्त हुई है, जबकि कुछ दिन पूर्व सहकारी संस्था हाफेड ने हरियाणा में सरसों की बिक्री 5,500-5,600 रुपये क्विन्टल के भाव से की है। सूत्रों ने कहा कि जब देश में सरसों की मांग है और इसका स्टॉक कम व कोई विकल्प नहीं है तो दो सहकारी संस्थाओं की सरसों बिक्री के भाव में इतना अंतर क्यों है? इसे तालमेल कायम करते हुए भाव लगभग एक जैसा रखना चाहिये क्योंकि हरियाणा में हाफेड से 5,500-5,600 रुपये क्विन्टल के भाव सरसों खरीद कर बिचौलिये, आगरा की सलोनी मंडी में 6,771 रुपये क्विन्टल के भाव बेचकर भारी मुनाफा कमा रहे हैं और सस्ते में हाफेड से सरसों की खरीद का फायदा उपभोक्ताओं के बजाय बिचौलिये उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि चालू वर्ष में सरसों का उत्पादन बढ़ने के आसार हैं, लेकिन इससे भाव प्रभावित नहीं होंगे क्योंकि पिछले साल का बचा स्टॉक (कैरी फार्वर्ड स्टॉक) कम रहेगा जिसकी वजह से बाजार धारणा के प्रभावित होने की संभावना नहीं है।

तेल-तिलहन बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 6,270 - 6,320 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 5,400- 5,450 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,500 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,095 - 2,155 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 12,480 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,880 - 2,030 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,000 - 2,110 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 11,600 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 11,300 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 10,450 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 9,230 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 10,100 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 10,700 रुपये।

पामोलीन कांडला- 9,850 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 4,500 - 4,550 लूज में 4,335 -- 4,365 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये।

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Web Title: CPO, Soybean fall, Mustard improvement

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