Petrol, Diesel Price Today: आज का फ्यूल प्राइस, 11 जनवरी को अपने शहर के पेट्रोल-डीजल दाम देखें
By अंजली चौहान | Updated: January 11, 2026 07:52 IST2026-01-11T07:51:29+5:302026-01-11T07:52:24+5:30
Petrol, Diesel Price Today: केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों द्वारा टैक्स में कटौती के बाद मई 2022 से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अपरिवर्तित बनी हुई हैं।

Petrol, Diesel Price Today: आज का फ्यूल प्राइस, 11 जनवरी को अपने शहर के पेट्रोल-डीजल दाम देखें
Petrol, Diesel Price Today: ऑयल मार्केटिंग कंपनियाँ रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों को अपडेट करती हैं, उन्हें ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों और करेंसी एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव के हिसाब से एडजस्ट करती हैं। यह रोजाना का बदलाव पारदर्शिता को बढ़ावा देता है और यह सुनिश्चित करता है कि उपभोक्ताओं को सबसे नई और सही फ्यूल की कीमतें मिलें।
हालांकि ये दरें तकनीकी रूप से बाजार से जुड़ी हुई हैं, लेकिन ये एक्साइज ड्यूटी, बेस प्राइसिंग फ्रेमवर्क और अनौपचारिक प्राइस कैप जैसे रेगुलेटरी उपायों से भी प्रभावित होती हैं।
11 जनवरी को ईंधन के रेट
शहर पेट्रोल (₹/L) डीजल (₹/L)
दिल्ली 94.72 87.62
मुंबई 104.21 92.15
कोलकाता 103.94 90.76
चेन्नई 100.75 92.34
अहमदाबाद 94.49 90.17
बेंगलुरु 102.92 89.02
हैदराबाद 107.46 95.70
जयपुर 104.72 90.21
लखनऊ 94.69 87.80
पुणे 104.04 90.57
चंडीगढ़ 94.30 82.45
इंदौर 106.48 91.88
पटना 105.58 93.80
सूरत 95.00 89.00
नासिक 95.50 89.50
भारत में फ्यूल की कीमतों को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक
कच्चे तेल की कीमतें: ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतें फ्यूल की कीमतों का मुख्य कारण हैं, क्योंकि कच्चा तेल पेट्रोल और डीजल उत्पादन में मुख्य इनपुट है। एक्सचेंज रेट: चूंकि भारत कच्चे तेल के आयात पर बहुत ज़्यादा निर्भर है, इसलिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कीमत ईंधन की लागत पर काफी असर डालती है। कमज़ोर रुपया आमतौर पर ज़्यादा कीमतों में बदल जाता है।
टैक्स: केंद्र और राज्य-स्तरीय टैक्स खुदरा ईंधन की कीमतों का एक बड़ा हिस्सा होते हैं। टैक्स की दरें राज्यों में अलग-अलग होती हैं, जिससे क्षेत्रीय कीमतों में अंतर होता है।
रिफाइनिंग लागत: कच्चे तेल को इस्तेमाल करने लायक ईंधन में बदलने की लागत खुदरा कीमतों पर असर डालती है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की दक्षता के आधार पर घट-बढ़ सकती है।
मांग-आपूर्ति की गतिशीलता: बाज़ार की मांग भी ईंधन की कीमतों को प्रभावित करती है। ज़्यादा मांग कीमतों को बढ़ा सकती है क्योंकि आपूर्ति खपत के रुझानों के हिसाब से एडजस्ट होती है।