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Cabinet Decisions: बिहार को सौगात, दीघा और सोनपुर को जोड़ा जाएगा, नारियल एमएसपी में बढ़ोतरी, नए साल से पहले मोदी सरकार ने दिया तोहफा

By सतीश कुमार सिंह | Updated: December 27, 2023 16:56 IST

CABINET DECISIONS: कैबिनेट ने बिहार में दीघा और सोनपुर को जोड़ने के लिए गंगा नदी पर 4.56 किमी लंबे, 6-लेन पुल के निर्माण को मंजूरी दी है।

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ठळक मुद्देत्रिपुरा और असम के लिए खोवई से हरिना तक के रोड प्रोजेक्ट को मंजूरी ही।2024 के लिए एमएसपी (कोपरा के लिए) तय कर दिया गया है। मिलिंग कोपरा (नारियल) के लिए एमएसपी 2023 से अधिक होगा।

CABINET DECISIONS: नए साल से पहले केंद्र सरकार ने कई फैसले किए हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गंगा नदी पर 4.56 किलोमीटर लंबे पुल के निर्माण को मंजूरी दी। यह पुल बिहार में दीघा और सोनपुर को जोड़ेगा। इसके साथ ही केंद्र ने त्रिपुरा और असम के लिए खोवई से हरिना तक के रोड प्रोजेक्ट को मंजूरी ही।

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि 2024 के लिए एमएसपी (कोपरा के लिए) तय कर दिया गया है। मुझे यह देखकर खुशी हुई कि वर्ष 2024 के लिए मिलिंग कोपरा (नारियल) के लिए एमएसपी 2023 से अधिक होगा। मिलिंग कोपरा का एमएसपी 300 रुपये प्रति क्विंटल और बॉल कोपरा के लिए 250 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।

ठाकुर ने कहा कि बिहार में काफी संभावनाएं हैं और पीएम मोदी ने हमेशा राज्य के विकास के लिए कई बड़ी परियोजनाएं दी हैं। बिहार मोदी सरकार की प्राथमिकता थी, है और रहेगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को गंगा नदी पर 4.56 किलोमीटर लंबे पुल के निर्माण को मंजूरी दे दी। छह लेन वाला यह पुल बिहार में दीघा और सोनपुर को जोड़ेगा।

आधिकारिक बयान के अनुसार, परियोजना की कुल लागत 3,064.45 करोड़ रुपये है। इसमें 2,233.81 करोड़ रुपये की निर्माण लागत शामिल है। बयान में कहा गया है कि पुल से यातायात तेज और आसान हो जाएगा। इससे राज्य, खासकर उत्तर बिहार के विकास को गति मिलेगी।

आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने आज गंगा नदी पर नये 4,556 मीटर लंबे पुल के निर्माण को मंजूरी दे दी। यह पुल छह-लेन का होगा। यह मौजूदा दीघा-सोनपुर रेल-सह सड़क पुल के समानांतर होगा...।’’

दीघा, पटना और गंगा नदी के दक्षिणी तट और सोनपुर सारण जिले में गंगा नदी के उत्तरी तट पर स्थित है। वर्तमान में ये केवल हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए रेल सह सड़क पुल से जुड़े हुए हैं। ऐसे में वर्तमान सड़क का उपयोग माल और वस्तुओं के परिवहन के लिए नहीं किया जा सकता है। यह वस्तुओं की तेज आवाजाही के रास्ते में एक बड़ी बाधा है।

बयान के अनुसार, दीघा और सोनपुर के बीच नये पुल से बाधा दूर होगी। पुल बन जाने के बाद माल और वस्तुओं का परिवहन किया जा सकेगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक क्षमता सही तरीके से उपयोग हो सकेगा। निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 5डी-बिल्डिंग सूचना मॉडलिंग (बीआईएम), ‘ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम’ (बीएचएमएस), मासिक ड्रोन मैपिंग जैसी नवीनतम तकनीक के उपयोग के साथ ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) मॉडल पर परियोजना का क्रियान्वयन और परिचालन किया जाना है।

परियोजना को आवंटन तारीख से 42 महीनों में पूरा किया जाना है। बयान के अनुसार, ‘‘यह पुल पटना से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 139 के माध्यम से औरंगाबाद और सोनपुर (राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-31), छपरा, मोतिहारी (पूर्व-पश्चिम गलियारा पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग-27), बेतिया (राष्ट्रीय राजमार्ग-727) स्वर्णिम चतुर्भुज गलियारे तक सीधी संपर्क सुविधा प्रदान करेगा।’’ इसमें कहा गया है कि यह परियोजना बुद्ध सर्किट का एक हिस्सा है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को त्रिपुरा में खोवाई-हरिना सड़क के 135 किलोमीटर लंबे हिस्से के चौड़ीकरण को अपनी मंजूरी दे दी। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस परियोजना में 2,486.78 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसमें 1,511.70 करोड़ रुपये (2312.9 करोड़ जापानी येन) का कर्ज शामिल है।

इसमें कहा गया है कि कर्ज सहायता आधिकारिक विकास सहायता योजना के तहत जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) से मिलेगी। इस परियोजना की परिकल्पना त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर सड़क संपर्क की सुविधा प्रदान करने के मकसद से की गयी है।

साथ ही मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-आठ के अलावा त्रिपुरा से असम और मेघालय तक वैकल्पिक पहुंच प्रदान करने के लिए इसे क्रियान्वित किया जा रहा है। बयान में कहा गया है, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने एनएच-208 पर खोवाई से हरिना तक यानी 101.300 किलोमीटर से 236.213 तक पक्की सड़क के साथ चौड़ीकरण को अपनी मंजूरी दे दी है। परियोजना के तहत त्रिपुरा में इसकी कुल लंबाई 134.913 किलोमीटर है।’’

बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-208 के विस्तार से न केवल राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 208 ए के जरिये असम और त्रिपुरा के बीच अंतरराज्यीय संपर्क व्यवस्था में सुधार होगा बल्कि पारगमन समय भी कम होगा और यात्रियों को सुरक्षित संपर्क सुविधा मिलेगी। परियोजना बांग्लादेश सीमा के बहुत करीब से गुजरती है और इससे कैलाशहर, कमालपुर और खोवाई सीमा जांच चौकी के माध्यम से बांग्लादेश से संपर्क व्यवस्था में सुधार होगा। परियोजना को दो साल में पूरा किया जाना है।

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