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क्यों बदली गई 1950 में बजट के छापने की जगह? पहली बार किसने और किस साल पेश की गई थी बजट, जानें

By अनिल शर्मा | Updated: February 1, 2023 11:22 IST

आम तौर पर बजट वित्त मंत्री द्वारा पेश किया जाता है लेकिन 1958 में ऐसा पहली बार हुआ कि बजट किसी वित्त मंत्री ने नहीं बल्कि प्रधानमंत्री ने पेश की। वह प्रधानमंत्री थे जवाहरलाल लाल नेहरू। 

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ठळक मुद्देभारत का पहला बजट किसी भारतीय ने नहीं बल्कि एक अंग्रेज ने पेश किया था।  स्कॉटिश अर्थशास्त्री जेम्स ने 163 साल पहले 1860 में पहला भारतीय बजट पेश किया था। 1958 में ऐसा पहली बार हुआ कि बजट किसी वित्त मंत्री ने नहीं बल्कि प्रधानमंत्री ने पेश की।

नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार संसद में आम बजट 2023-24 पेश कर रही हैं। क्याआप जानते हैं कि भारत में पहला बजट किसने और किस साल में पेश किया गया था? और बजट पेश करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री कौन थे? क्योंकि आम तौर पर बजट वित्त मंत्री द्वारा ही पेश किया जाता है।

आम बजट का एक लंबा इतिहास रहा है। भारत का पहला बजट किसी भारतीय ने नहीं बल्कि एक अंग्रेज ने पेश किया था।  जिसका नाम जेम्स विल्सन था। जेम्स स्कॉटिश अर्थशास्त्री थे जिन्होंने 163 साल पहले 1860 में पहला भारतीय बजट पेश किया था। वहीं आजादी के बाद तत्कालीन वित्त मंत्री आरके शनमुखम चेट्टी ने 26 नवंबर 1947 को पहला बजट पेश किया था।

आम तौर पर बजट वित्त मंत्री द्वारा पेश किया जाता है लेकिन 1958 में ऐसा पहली बार हुआ कि बजट किसी वित्त मंत्री ने नहीं बल्कि प्रधानमंत्री ने पेश की। वह प्रधानमंत्री थे जवाहरलाल लाल नेहरू। तत्कालीन वित्त मंत्री टीटी कृष्णामाचारी के इस्तीफा के बाद नेहरू को ऐसा करना पड़ा और बजट पेश करने वाले नेहरू पहले भारतीय पीएम बने। वहीं नेहरू के बाद इंदिरा गांधी दूसरी और राजीव गांधी तीसरे पीएम थे जिन्होंने बजट पेश किया था। इसके अलावा प्रधान मंत्री मोरारजी देसाई ने

साल 1970 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बजट पेश किया जब वित्त मंत्री मोरारजी देसाई ने इस्तीफा दे दिया। 1987-88 में तत्कालीन वित्त मंत्री वीपी सिंह के इस्तीफा देने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी बजट पेश किया था। इसके अलावा प्रधान मंत्री मोरारजी देसाई भी बजट पेश कर चुके हैं। पूर्व वित्त मंत्री और प्रधान मंत्री मोरारजी देसाई ने सबसे अधिक संख्या में (10 बार) बजट पेश किए हैं ।

2017 में बजट पेश करने का समय बदला गया

यहां बताते चलें कि 1999 तक केंद्रीय बजट फरवरी के अंतिम कार्य दिवस को शाम 5 बजे पेश किया जाता था जिसे बाद में 11 बजे स्थानांतरित कर दिया गया था। 2017 में बजट पेश करने की तारीख 1 फरवरी रखी गई थी।  

 

क्यों बदली गई थी 1950 में बजट छापने की जगह?

 देश का बजट पहले राष्ट्रपति भवन में छपता था लेकिन 1950 में बजट लीक होने के बाद मुद्रण स्थल को मिंटो रोड, नई दिल्ली में एक प्रेस में स्थानांतरित कर दिया गया। हालांकि, 1980 में वित्त मंत्रालय में प्रिंटिंग प्रेस लगने के बाद बजट यहीं छपता है। इसकी छपाई से जुड़े कर्मचारी हलवा सेरेमनी से लेकर बजट पेश होने तक यहीं रहते हैं।

बजट शब्द का क्या होता है मतलब?

 बजट शब्द फ्रेंच भाषा के 'Bougette' से आया है। जिसका मतलब होता है चमड़े का बैग। संविधान के अनुच्छेद 112 के मुताबिक आम बजट एक वित्त वर्ष में सरकार की आय-व्यय का लेखा-जोखा होता है और स्वतंत्र भारत का पहला बजट 1947 में पेश हुआ था। बजट को ब्रीफकेस में लाने की परंपरा 1970 के दशक से शुरू हुई थी।

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