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एशिया प्रशांत क्षेत्र 2030 तक एसडीजी लक्ष्यों को पाने में रह सकता है पीछे: संरा रिपोर्ट

By भाषा | Updated: March 16, 2021 18:57 IST

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नयी दिल्ली, 16 मार्च संयुक्तराष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र 2030 तक के स्वस्थ विकास के लक्ष्यों (एसडीजी) की राह में पीछे चल रहा है और मौजूदा रफ्तार से यह क्षेत्र निर्धारित समय में यह क्षेत्र लक्ष्य का 10 प्रतिशत से भी कम ही हासिल कर पायेगा।

मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड19 महामारी और उसके संक्रमण को रोकने के लिए निकलने-बढ़ने की पाबंदियों की वजह से अप्रैल 2020 में अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले 82.90 करोड़ लोग की रोजी रोटी प्रभावित हुई।

एशिया प्रशांत के लिये संयुक्तराष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग के तहत एशिया प्रशांत क्षेत्र के लिये 2030 तक हासिल किये जाने वाले 17 लक्ष्य तय किये गये थे। इनमें गरीबी समाप्त करने, भुखमरी दूर करने, अच्छा स्वास्थ्य और बेहतर जीवन, अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा, लिंग समानता, साफ पानी और स्वच्छता, साफ और सस्ती ऊर्जा, बेहतर काम और आर्थिक वृद्धि, जैव विविधता, नवोन्मेष और अवसंरचना के साथ साथ क्षेत्र में व्याप्त विक्षमता को दूर करना शामिल है।

संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया- प्रशांत क्षेत्र एसडीजी के तहत तय किये गये 17 में से किसे एक भी लक्ष्य को हासिल करता नजर नहीं आ रहा है। ऐसा लगता है कि यह क्षेत्र एसडीजी लक्ष्यों का 10 प्रतिशत से भी कम ही हासिल सकेगा। इस रिपोर्ट का नाम संयुक्तराष्ट्र एशिया प्रशांत आर्थिक और सामाजिक आयोग की ‘एशिया और प्रशांत एसडीजी प्रगति रिपोर्ट’ है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया में महामारी फैलने के पहल से इन लक्ष्यों की दिशा में एशिया- प्रशांत क्षेत्र 2020 के लिये तय लक्ष्यों के मामले में पीछे रहा है। इस क्षेत्र में 2020 में बेरोजगारों की संख्या डेढ़ करोड़ बढ़ गयी । वर्ष 2019 के मुकाबले 2020 में इस क्षेत्र में श्रमिकों की आय को 7.1 प्रतिशत नुकसान हुआ जो राशि के हिसाब से 1,000 अरब डालर के बराबर है।

रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2020 में लॉकडाउन जैसे उपायों से अनौपचारिक क्षेत्र में 82.90 करोड़ लोग प्रभावित हुये। रिपोर्ट के मुताबिक एशिया प्रशांत के कुछ उप-क्षेत्र एसडीजी के तय लक्ष्यों में से कुछ को हासिल करने के रास्ते पर हैं। पूर्व और उत्तर- पूर्वी एशिया गरीबी उन्मूलन, स्वच्छ जलापूर्ति और स्वच्छता लक्ष्य को हासिल करने पर आगे बढ़ रहे हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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