लाइव न्यूज़ :

1947 में कौन सी लड़ाई लड़ी गई थी, ट्रोल किए जाने पर भड़कीं कंगना रनौत- गलत साबित कर दें लौटा दूंगी पद्मश्री

By अनिल शर्मा | Updated: November 13, 2021 15:17 IST

कंगना ने लिखा-  इंटरव्यू (टाइम्स नाउ समिट) में सब कुछ बहुत स्पष्ट रूप कहा है। 1857 में स्वतंत्रता के लिए पहली सामूहिक लड़ाई शुरू हुई। पूरी लड़ाई में सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मीबाई और वीर सावरकर जी जैसे महान लोगों ने बलिदान दिया।

Open in App
ठळक मुद्देमैंने शहीद वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की फीचर फिल्म में काम किया है और इसपर बहुत रिसर्च किया हैः कंगनाकंगना ने दावा किया कि अगर 1947 में कौन सा युद्ध हुआ था, मुझे कोई बता दे तो मैं पद्मश्री वापस कर दूंगी

मुंबईः कंगना रनौत ने अपने आजादीवाले बयान को लेकर ट्रोल किए जाने पर गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने उन लोगों से सवाल पूछा है जो उनके पद्मश्री वापस लिए जाने की बात कर रहे हैं। अपने आलोचकों से कंगना ने कहा कि वह बस मेरे सवाल का जवाब दे दें मैं अपना पद्मश्री खुद ही वापस कर दूंगी।

गौरतलब है कि हाल ही में एक टीवी चैनल पर आजादी को लेकर अपने बयान के बाद से कंगना कई लोगों के निशाने पर हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि 1947 में जो मिली वो भीख थी, असली आजादी 2014 में मिली है। इंस्टाग्राम की स्टोरी में कंगना ने अपनी पूरी बात रखी है। इसमें उन्होंने एक किताब का अंश शेयर किया है जिसमे अरबिंदो घोष, बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल के कोट्स हैं।

1947 में कौन सा युद्ध हुआ था?

कंगना ने लिखा-  इंटरव्यू (टाइम्स नाउ समिट) में सब कुछ बहुत स्पष्ट रूप कहा है। 1857 में स्वतंत्रता के लिए पहली सामूहिक लड़ाई शुरू हुई। पूरी लड़ाई में सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मीबाई और वीर सावरकर जी जैसे महान लोगों ने बलिदान दिया। 1857 की लड़ाई मुझे पता है, लेकिन 1947 में कौन सा युद्ध हुआ था, मुझे पता नहीं है। अगर कोई मुझे बता सकता है तो मैं अपना पद्मश्री वापस कर दूंगी और माफी भी मांगूंगी…कृपया इसमें मेरी मदद करें।

गांधी ने भगत सिंह को क्यों मरने दिया?

इसी पोस्ट में कंगना ने आगे कहा कि "मैंने शहीद वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की फीचर फिल्म में काम किया है... आजादी की पहली लड़ाई 1857 पर बड़े पैमाने पर रिसर्च की थी... राष्ट्रवाद के साथ राइट विंग का भी उदय हुआ... लेकिन अचानक खत्म क्यों हो गया? और गांधी ने भगत सिंह को क्यों मरने दिया? नेताजी बोस को क्यों मारा गया और गांधी जी का सपोर्ट उन्हें कभी क्यों नहीं मिला? एक गोरे (ब्रिटिश) ने पार्टीशन की लाइन क्यों खींची?

भारत की चेतना और विवेक 2014 में मुक्त हो गए थेः कंगना

भारत के 2014 में आजाद होनेवाले बयान को लेकर कंगना ने लिखा है कि मैं परिणाम भुगतने के लिए तैयार हूं। जहां तक ​​2014 में आजादी का संबंध है, मैंने विशेष रूप से कहा था कि भौतिक आजादी हमारे पास हो सकती है, लेकिन भारत की चेतना और विवेक 2014 में मुक्त हो गए थे..।

टॅग्स :कंगना रनौतहिन्दी सिनेमा समाचारबॉलीवुड अभिनेत्री
Open in App

संबंधित खबरें

बॉलीवुड चुस्कीआदित्य धर ने संतोष कुमार आरएस को भेजा नोटिस, कुमार ने दावा किया था कि 'धुरंधर 2' के मेकर्स ने उनकी कहानी को किया है कॉपी

बॉलीवुड चुस्की13 दिन में 1435 करोड़! धुरंधर 2 बनी चौथी सबसे बड़ी फिल्म, RRR को पछाड़कर रच दिया इतिहास

बॉलीवुड चुस्कीBigg Boss 18 फेम Rajat Dalal की शादी की पहली झलक, इमोशनल मैसेज ने जीता दिल

बॉलीवुड चुस्कीValmiki Ramayana film: रामनवमी पर 'वाल्मिकी रामायण' की घोषणा, फिल्म की रिलीज डेट भी बताई गई

बॉलीवुड चुस्की'तुझ जैसे छोटे आर्टिस्ट के लिए एसी नहीं है': बैकग्राउंड एक्टर ने 'धुरंधर' के सेट पर हुए अपमानजनक अनुभव को किया साझा

बॉलीवुड चुस्की अधिक खबरें

बॉलीवुड चुस्कीप्रियंका चोपड़ा ने जीजा राघव चड्ढा का बढ़ाया हौसला, चर्चा में है 'देसी गर्ल' का यह कदम

बॉलीवुड चुस्कीरिलीज के 20 साल बाद?, रैपर यो यो हनी सिंह और बादशाह के 'अश्लील और अपमानजनक' गाने को हटाने का निर्देश, दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा-‘अंतरात्मा पूरी तरह से झकझोर’ दी?

बॉलीवुड चुस्कीRamayana: रणबीर कपूर की 'रामायण' का टीजर, इमोशनल हुए फैंस

बॉलीवुड चुस्कीआज का इतिहासः देश-दुनिया में 30 मार्च की तारीख, महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा?

बॉलीवुड चुस्कीअभिव्यक्ति का शाश्वत माध्यम रहा है रंगमंच