फिल्म'इक्कीस' सिर्फ एक वॉर ड्रामा नहीं, बल्कि यादों, रिश्तों और कुर्बानी से जुड़ी एक भावनात्मक कहानी है। 1 जनवरी 2026 को रिलीज हुई यह फिल्म इसलिए भी खास बन जाती है क्योंकि इसमें सुपरस्टार धर्मेंद्र आखिरी बार बड़े पर्दे पर नजर आए हैं। 89 साल की उम्र में उनका यह किरदार दर्शकों के दिल को छू जाता है।
धर्मेंद्र ने फिल्म में भारतीय सेना के रिटायर्ड ब्रिगेडियर एम. एल. खेत्रपाल का रोल निभाया है। कहानी की शुरुआत साल 2001 में होती है, जब वह पाकिस्तान जाते हैं और वहां उनकी मुलाकात ब्रिगेडियर नासिर (जयदीप अहलावत) से होती है। सरगोधा की गलियां और बीती यादें उन्हें उनके बेटे अरुण की शहादत की ओर ले जाती हैं, जिसका दर्द आज भी उनके दिल में जिंदा है।
फ्लैशबैक में दर्शकों को जवान अरुण खेत्रपाल (अगस्त्य नंदा) की कहानी दिखाई जाती है। एक ईमानदार, उसूलों वाला अफसर, जो देश के लिए कुछ बड़ा करने का सपना देखता है। जंग से पहले उसकी छोटी-सी लव स्टोरी कहानी को भावनात्मक संतुलन देती है। धर्मेंद्र और जयदीप अहलावत की जुगलबंदी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। वहीं सिमर भाटिया का डेब्यू सादा लेकिन असरदार है। छोटे कैमियो में असरानी और दीपक डोबरियाल भी याद रह जाते हैं। कुल मिलाकर, ‘इक्कीस’ एक शांत, भावुक और गरिमापूर्ण विदाई है, एक अभिनेता को, एक पिता को और एक सैनिक को।