नेहरूजी की गांधीजी और सरदार पटेल से पहली मुलाकात 1916 में लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में हुई थी, जिसमें लोकमान्य तिलक समेत उस दौर के सारे दिग्गज नायक पधारे थे और कांग्रेस में एकता का एक नया दौर दिखा था। तब से आखिरी सांस तक उनका रिश्ता बना रहा।
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जवाहरलाल नेहरू साल 1934 में कमला नेहरू के साथ शांतिनिकेतन पहुंचे। वहां उन्होंने गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की देखरेख में चल रहे इस स्कूल को देखा और निश्चय किया कि बेटी इंदिरा की शिक्षा और संस्कार के लिए शांतिनिकेतन से अच्छा कोई स्कूल नहीं है।
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आरक्षण की मांग करते हुए इस महीने आधा दर्जन से ज्यादा लोग आत्महत्या कर चुके हैं। जरांगे की बिगड़ती हुई हालत और आत्महत्याओं के सिलसिले से उग्र होते आंदोलन ने महाराष्ट्र सरकार की चिंता निश्चित रूप से बढ़ा दी है।
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खबर है कि दोनों देश दशकों से चल रहे सीमा विवाद को खत्म करने के करीब पहुंच गए हैं। ऐसे भी संकेत हैं कि दोनों देश जल्द ही राजनयिक संबंध स्थापित कर सकते हैं।
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स्वच्छता को जनांदोलन के रूप में अपनाना होगा। सभी को शिक्षा के साथ स्वच्छता एवं पेयजल संरक्षित करने में अपना सहयोग प्रदान करना होगा। खासकर गर्मी के मौसम में पानी का दुरुपयोग न करें।
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लोगों की सांसों पर वायु प्रदूषण का खतरा इतना खतरनाक होता जा रहा है कि दमघोंटू हवा में लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। वैसे तो वर्तमान में मुंबई में भी वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई है और वहां बीएमसी द्वारा बिगड़ते वायु प्रदूषण को
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आईसीसी वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान की टीम ने पाकिस्तान को हरा दिया। इस जीत के साथ ही अफगानिस्तान में काबुल और खोस्त सहित तमाम शहरों और कस्बों में जश्न मनाया जाने लगा। जीत में जश्न स्वाभाविक है लेकिन यह जश्न ऐसा था जैसे दुश्मन पर फतह पा ली हो!
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इसके गवाह हर बार के चुनाव के परिणाम हैं। अगले एक साल में महाराष्ट्र में भी अनेक स्तर के चुनाव होंगे। इन आयोजनों का संदेश कितने परिणामों को बदल पाएगा, इसका दावा तो कोई नहीं कर सकता है।
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अमेरिका में एक हत्यारे ने गोलियां बरसाकर करीब डेढ़ दर्जन लोगों को मौत की नींद सुला दिया। दुनिया में बंदूक की संस्कृति को बल देने वाले अमेरिका के लिए अब यह एक बड़ी समस्या बन चुकी है। अमेरिका घृणा, अपराध, हिंसा और बंदूक संस्कृति के गढ़ के रूप में पहचान
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सऊदी अरब जैसे कुछ देश पहले ही भूजल जोखिम चरम बिंदु को पार कर चुके हैं, जबकि भारत सहित अन्य देश इससे ज्यादा दूर नहीं हैं। मतलब भारत की हालत भी निकट भविष्य में सऊदी अरब जैसी हो सकती है!
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