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UP Imran Masood: इमरान मसूद की कांग्रेस में घर वापसी!, पश्चिम यूपी में सपा और रालोद को टक्कर देने की तैयारी

By राजेंद्र कुमार | Updated: October 7, 2023 18:17 IST

UP Imran Masood: इमरान तीसरी बार कांग्रेस में वापस लौटे हैं. इमरान की कांग्रेस में हुई घर वापसी से पश्चिम उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को एक बड़ा मुस्लिम नेता मिल गया है.

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ठळक मुद्देकांग्रेस में हुई घर वापसी से पश्चिम उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को एक बड़ा मुस्लिम नेता मिल गया है.इमरान मसूद के बसपा से निकाले जाने के बाद से उनके सियासी भविष्य पर सवाल उठाने वालों की बोलती बंद हो गई है.इमरान मसूद ने अखिलेश यादव को मझधार में छोड़कर बसपा का दामन थाम लिया था.

UP Imran Masood: लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से निकाले गए पूर्व विधायक इमरान मसूद की कांग्रेस में घर वापसी हो गई. इमरान तीसरी बार कांग्रेस में वापस लौटे हैं. इमरान की कांग्रेस में हुई घर वापसी से पश्चिम उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को एक बड़ा मुस्लिम नेता मिल गया है.

कहा जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस उन्हे चुनाव मैदान में उतारेगी और समाजवादी पार्टी (सपा)-राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) गठबंधन उनके खिलाफ प्रत्याशी खड़ा नहीं करेगा. इसके वजह रालोद के मुखिया जयंत चौधरी से इमरान मसूद की दोस्ती है. फिलहाल इमरान मसूद के बसपा से निकाले जाने के बाद से उनके सियासी भविष्य पर सवाल उठाने वालों की बोलती बंद हो गई है.

कहा जा रहा था कि इमरान मसूद बीते डेढ़ वर्षों के दौरान कांग्रेस, सपा और बसपा तीनों ही दलों का साथ छोड़ा. उन्होने बीते विधानसभा चुनावों के पहले कांग्रेस से नाता तोड़ा और सपा में शामिल हुए. अखिलेश यादव ने उन्हे विधानसभा का चुनाव लड़ने का मौका नहीं दिया तो इमरान मसूद ने अखिलेश यादव को मझधार में छोड़कर बसपा का दामन थाम लिया था.

बसपा में रहते हुए इमरान मसूद ने मायावती को लोकसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ने की सलाह दी तो मायावती ने उन्हे बसपा से निकाल दिया. यही वजह है कि राजनीतिक के जानकारों ने यह कहा कि अब इमरान मसूद के सियासी भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है. लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में इमरान मसूद और उनके परिवार की सियासी पकड़ को देखते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की पहल पर इमरान मसूद की घर वापसी शनिवार को दिल्ली में हो गई. 

पश्चिम यूपी की सियासत पर पकड़ : 

इमरान मसूद और उनके परिवार का पश्चिम उत्तर प्रदेश की सियासत में बहुत दखल है. सहारनपुर जिले की राजनीति में काजी परिवार का सियासी दबदबा रहा है. इमरान के चाचा काजी रसीद मसूद 1977 से 2004 के बीच पांच बार सहारनपुर से लोकसभा सांसद और तीन बार राज्यसभा सांसद रहे.

इस दौरान कई बार केंद्र में मंत्री भी बने. रशीद मसूद के बाद काजी परिवार की सियासत को इमरान मसूद ने आगे बढ़ाया. इमरान मसूद सहारनपुर से मेयर बने और उसके बाद से आक्रमक मुस्लिम पॉलिटिक्स करने में जुट गए. देखते ही देखते वह सिर्फ सहारनपुर ही नहीं पूरे पश्चिम यूपी के तेजतर्रार मुस्लिम नेता के रूप में जाने जाने लगे.

वर्ष 2012 में इमरान मसूद विधायक बने, लेकिन उसके बाद से चुनावी जीत पाने के लिए सियासी संकट से जूझ रहे हैं. हालांकि इमरान मसूद सहारनपुर लोकसभा सीट से लगातार चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें जीत नहीं मिल सकी है. जबकि चुनावी जीत पाने के लिए ही इमरान ने सपा से लेकर कांग्रेस और बसपा तक का सफर तय किया.

अब फिर उन्हे गांधी परिवार के नजदीक के चलते ही अगामी लोकसभा चुनाव में चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा. वह सहारनपुर या बिजनौर सीट चुनाव लड़ेंगे यह जल्दी ही तय हो जाएगा. फिलहाल इमरान के जरिए कांग्रेस पश्चिम यूपी में कांग्रेस अब मुस्लिम समाज को अपने साथ जोड़ने में जुटेगी. 

ऐसे हुई इमरान की कांग्रेस में वापसी : 

इमरान मसूद की कांग्रेस में हुई घर वापसी में यूपी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से लेकर सूबे में पार्टी के अन्य बड़े नेताओं का कोई हाथ नहीं है. अजय राय को तो इमरान मसूद की पार्टी में कब वापसी हो रही है, इसकी तारीख तक पता नहीं थी. पार्टी नेताओं के अनुसार, इमरान मसूद के राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ रिश्ते अच्छे हैं.

कांग्रेस ने नाता तोड़ने के बाद भी इमरान मसूद ने कभी भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से दूरी नहीं बनाई. सपा और बसपा में शामिल होने के बाद भी इमरान मसूद ने हमेशा ही कांग्रेस और गांधी परिवार की तारीफ ही की. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को लेकर कभी भी कोई अप्रिय बयान नहीं दिया.

बसपा में रहते हुए भी उन्होने कांग्रेस के नेताओं से अपने संपर्क खत्म नहीं किए. राहुल गांधी के जन्मदिन पर उन्होंने राहुल गांधी से बात कर उन्हे बधाई दी थी. यहीं वजह है कि जब इमरान मसूद ने जब कांग्रेस में लौटने की इच्छा प्रकट की तो उन पार्टी में शामिल कर लिया गया.

इमरान के कांग्रेस में आने पर अब पश्चिमी यूपी में कांग्रेस को एक बड़ा चेहरा मिल गया है. अब जल्दी ही इमरान मसूद पश्चिम यूपी में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ जनता के बीच दिखाई देंगे. यहीं नहीं उन्हे पार्टी संगठन में भी जल्दी अहम ज़िम्मेदारी दी जाएगी. 

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