सुरेश पिछले 30 सालों से जम्मू कश्मीर से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। देश के कई प्रतिष्ठित दैनिकों के लिए काम करते रहे हैं। जम्मू कश्मीर से संवाददाता पद पर कार्यरत हैं। वे वास्तु, अंकशास्त्र व ज्योतिष के भी जानकार हैं।Read More
मंगलवार को सेना के साथ आतंकियों की गोलाबारी भी हुई पर अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है। सेना और पुलिस के सैकड़ों जवान पुंछ के डेरा की गली से लेकर थन्नामण्डी तक इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चला रहे हैं। ...
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सेना के जवानों को बड़े पैमाने पर सबसे पहले जम्मू में 14 मई 2002 को निशाना बनाया गया था जब आतंकियों ने कालूचक गैरीसन में सेना के फैमिली र्क्वाटरों में घुसकर कत्लेआम मचाते हुए 36 से अधिक जवानों और उनके परिवारों के सदस्यों को ...
कश्मीर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। सुरक्षाबलों ने बीते 24 घंटों के भीतर 8 आतंकियों को मार गिराया है। इनमें से 5 आतंकवादियों को आज शोपियां में और 3 आतंकियों को बीते दिन ढेर किया था। ...
एलओसी से सटे पुंछ और राजौरी के जुड़वा जिलों की सीमा पर कल हुई मुठभेड़ में पांच सैनिकों की शहादत जम्मू संभाग में कोई पहली नहीं है बल्कि आतंकवाद की शुरुआत के साथ ही जम्मू संभाग भी कभी भी आतंकी हमलों और सैनिकों की शहादत से अछूता नहीं रहा है। ...
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में आतंकवाद निरोधी अभियान में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में एक ‘जूनियर कमीशंड अधिकारी’ (जेसीओ) सहित पांच सैन्य कर्मी शहीद हो गए। ...
सरकार इसे पलायन नहीं मानती है बल्कि कहती है कि उन्होंने उन कश्मीरी पंडित परिवारों को 10 दिनों की छुट्टी दी है जो सरकारी नौकरी के बदले में कश्मीर लौटने को तैयार हुए थे। पर जम्मू वापस आने वाले और जम्मू में शरण लेने वाले इन कश्मीरी पंडित परिवारों का कहन ...
पांच दिनों के भीतर 7 नागरिकों (जिनमें 4 अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित थे) की हत्याओं के प्रति एक चौंकाने वाला तथ्य यह था कि पुलिस को आतंकी योजनाओं की खबर तीन से चार माह पहले मिली थी पर बावजूद इसके इन मौतों को रोका नहीं जा सका। इतना जरूर था कि सुरक्षा ...