वरिष्ठ पत्रकार और फिल्मकार। राज्य सभा टीवी के पूर्व कार्यकारी निदेशक। वॉयस ऑफ इंडिया, इंडिया न्यूज, सीएनईबी, बीएजी फिल्मस, आज तक, नई दुनिया इत्यादि मीडिया संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर रहे।Read More
कनाडा में हिंसा अथवा उग्रवाद के लिए कोई जगह नहीं है तो भी यह कैसे भूल सकते हैं कि पंजाब में खालिस्तानी आंदोलन की जड़ें कनाडा में ही थीं. जगजीत सिंह चौहान को लंबे समय तक कनाडा सरकार का ही संरक्षण मिलता रहा. ...
सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए स्थिति पर काबू पाना कठिन हो गया है। सतही तौर पर भले ही यह मैतेई और नगा-कुकी के बीच विवाद नजर आता हो, लेकिन परदे के पीछे की कहानी कुछ हिंदुस्तान की भौगोलिक और सांस्कृतिक-सामाजिक विविधता को ध्यान में रखते हैं तो पाते हैं क ...
कर्नाटक में निर्वाचन से पहले गैरभाजपा और गैरकांग्रेस वाले गठबंधन की तरफ कुछ दलों ने कदम बढ़ाए थे. तीसरे मोर्चे की बात हो रही थी, हालांकि अब बदले राजनीतिक परिदृश्य में यह साफ होता नजर आ रहा है कि देश की सर्वाधिक बुजुर्ग पार्टी के बिना विपक्षी एकता संभव ...
अब अपने इसी हीरो से पाकिस्तान के आम नागरिक का मोहभंग हो रहा है। नागरिकों ने देख लिया है कि सेना उसकी समस्याओं का समाधान करने में नाकाम रही है। देश में महंगाई चरम पर है, बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, आतंकवादी वारदातें कम नहीं हो रही हैं, उद्योग-धंधे चौपट ...
यह विडंबना है कि कार्यपालिका भी उन सामंती बाहुबलियों के सामने सिर झुकाती है। मौजूदा नौकरशाही में गलत के सामने सच बोलने का साहस नहीं रहा। मैंने देखा है कि अच्छे और ईमानदार अफसरों से सामंती प्रवृत्ति वाले राजनेता भी खौफ खाते थे। ...
प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ चाहे कितने ही दावा करते रहे, हिंदुस्तान से बेहतर रिश्तों की बात बेमानी है. अलबत्ता उनके भाई नवाज शरीफ हिंदुस्तान के साथ संवाद के खुले पक्षधर रहे हैं. ...
आज के दौर में दुनिया में सौ फीसदी भरोसे वाली कोई स्थिति कूटनीति में नहीं बन सकती. इसलिए चीन पर भी रूस पूरी तरह यकीन नहीं करेगा. वह भारत पर भरोसा कर सकता है, लेकिन चीन पर नहीं. इतिहास भी इसका गवाह है. ...
भारत के लिए जरूरी है कि वह पड़ोसियों की राष्ट्रीय दुविधाओं और चिंताओं का ख्याल करे. यही लंबे और टिकाऊ रिश्तों के लिए जरूरी है. इसमें चूक होने पर चीन इसका फायदा उठाने के लिए तैयार बैठा है. ...