औरंगाबाद निवासी श्रीमती नरेंद्र कौर छाबड़ा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हिंदी लेखिका हैं. आपकी कहानियां, लघु कथाएं, लेख, कविताएं आदि देश के सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते हैं. आपके अनेक कहानी संकलन भी प्रकाशित हो चुके हैं.Read More
दशहरा या विजयादशमी के त्यौहार में दस शब्द पर ही विशेष बल दिया गया है. प्राय: पौराणिक कथाओं को पढ़कर लोग यह समझते हैं कि रावण दस सिरों वाला था और उसके हारने के कारण इस त्यौहार का नाम दशहरा रखा गया है. ...
क्या ऐसा संभव है कि मनुष्य के धड़ पर हाथी का सिर हो. मेडिकल साइंस के पास इसका कोई जवाब नहीं है. असल में गणोशजी के इस स्वरूप के पीछे गहरा आध्यात्मिक रहस्य समाया हुआ है ...
जहांगीर ने उल्टे-सीधे आरोप लगाकर गुरुजी को गिरफ्तार कर लिया. उनसे अपनी मर्जी करवाने की कोशिश की गई लेकिन गुरुजी ने झूठ का साथ देने की बजाय शहादत का रास्ता चुना. जहांगीर ने उन्हें लाहौर के हाकिम मुर्तजा खान के हवाले कर दिया. ...
यह पर्व मूल रूप से नई फसल की कटाई का है. साल भर की कड़ी मेहनत के बाद अच्छी फसल के रूप में धरती मां से उन्हें जो प्राप्त होता है, उसका स्वागत यहां के लोग खुशी मनाकर करते हैं. ...
जब-जब नारी सशक्तिकरण की बात चलती है, हम गिनी-चुनी सशक्त नारियों के नाम गिना कर खुश हो जाते हैं कि मदर टेरेसा, इंदिरा गांधी, कल्पना चावला, किरण बेदी, लता मंगेशकर, पीटी उषा आदि ने इतिहास रचकर नारी जाति का नाम रोशन कर दिया है। ...
मुहम्मद लतीफ लिखते हैं- ‘श्री गुरुगोबिंद सिंहजी का आदर्श उच्च था और उन्होंने जिस कार्य में हाथ डाला वह महान था। उन्हीं की कृपा है कि मुर्दा और पिसे हुए लोग जत्थेबंद हुए। ...