भाषा हमारी अभिव्यक्ति का सबसे समर्थ माध्यम है। इसकी सहायता से ज्ञान और संस्कृति के निर्माण, संरक्षण, संचार और अगली पीढ़ी तक हस्तांतरण का कार्य सुगमता से हो पाता है। ...
मदन मोहन मालवीय को गांधीजी ने ‘महामना’ कहकर संबोधित किया था और वे असाधारण व्यक्तित्व की महिमा से सम्पन्न महामना सही अर्थों में जन-नायक थे। वे भारत में एक सामाजिक–सांस्कृतिक परिवर्तन के सूत्रधार बने। ...
पांच राज्यों के हुए ताजे चुनाव के नतीजे कई मिथकों और पूर्वानुमानों को ध्वस्त करने वाले सिद्ध हुए हैं। उनसे भी ज्यादा चौंकाने वाले तौर-तरीके राज्यों के मुख्यमंत्रियों के चयन में उभरे हैं। ...
इसमें कोई संदेह नहीं कि ताजे चुनाव परिणामों से भारतीय जनता पार्टी की छवि एक सशक्त दल के रूप में निखरी है। इस तरह के स्पष्ट जन-समर्थन को संयोग नहीं कहा जा सकता न इसे जाति, धन और धर्म का करिश्मा ही कह सकते हैं। ...
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली की सुबह ऐसी हो रही है कि धुंध के बीच सूरज छिप जा रहा है और हवा जहरीली हो गई है। घर से बाहर निकलने में डर लग रहा है। पर उससे भी काम नहीं चलता क्योंकि वही हवा घर के भीतर भी पहुंच रही है। ...
अमृत काल में एक समर्थ भारत के निर्माण के साथ मुखर प्रतिबद्धता चारों ओर दिख रही है। इस माहौल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्म-दिवस के उपलक्ष्य में उनके सामाजिक स्वप्न पर गौर करना समीचीन होगा। ...