अमिताभ श्रीवास्तव लोकमत समूह के हिंदी दैनिक ‘लोकमत समाचार’ के औरंगाबाद संस्करण के संपादक हैं। आप 27 साल से महाराष्ट्र को अपनी कर्मभूमि बनाकर हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं। आप राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और सिनेमा से जुड़े विषयों पर लेखन कार्य करते हैं। आपके सैकड़ों लेख, विभिन्न हस्तियों के साक्षात्कार, रिपोर्ट, विश्लेषण, टिप्पणियां प्रकाशित हो चुके हैं। आप राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील के साथ रूस और ताजिकिस्तान का दौरा भी कर चुके हैं।Read More
वर्ष 2019 में राज्य में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में सरकार बनी थी, तब उसे तीन पहिए की सरकार कहा गया । आज नए गठबंधन बनने के बाद सत्ता और विपक्ष दोनों के पास तीन-तीन पहिए हैं। फिर भी इस बात का अंदाज नहीं लग पा रहा कि वे चलेंगे कैसे और जाएंगे किस तरफ। ...
Elections 2024: वर्ष 1999 में कांग्रेस से अलग होकर राकांपा या फिर वर्ष 2006 में शिवसेना से अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का बनना दोनों दलों में टूट तो थी, लेकिन सीधा विभाजन या फिर पूरी पार्टी का दूसरे पाले में चला जाना नहीं था. ...
Maharashtra politics: राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद महाराष्ट्र अपनी जगह स्थिर नजर आता है. अतीत पर नजर दौड़ाई जाए तो राज्य में राजनीतिक उठापटक सत्तर के दशक में ही आरंभ हो गई थी. ...
पिछले माह जब राकांपा नेता पवार ने इस्तीफा दिया तो अनेक हलकों में हलचल मच गई। लोग भविष्य की कल्पना के साथ अपने दिमाग के घोड़े दौड़ाने लगे, लेकिन कुछ ही दिन में मामला शांत हो गया। हालांकि उनकी ही बेटी ने पंद्रह दिन पहले इस चौंकाने वाले निर्णय का संकेत ...
कुछ ही दिन पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुखिया राज ठाकरे की काका को संभालने की मिली सलाह को हल्के में लेने से शायद दूसरी बार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(राकांपा) के नेता अजित पवार गच्चा खा गए हैं. इस बार राकांपा के प्रमुख शरद पवार ने जोर का झटका ...
राकांपा के मुखिया शरद पवार के भतीजे अजित पवार, पूर्व शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के भतीजे राज ठाकरे, पूर्व उपमुख्यमंत्री गोपीनाथ मुंडे के भतीजे धनंजय मुंडे और पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल के भतीजे समीर भुजबल पहली पंक्ति में आकर मुकाबला करते हैं. ...
मराठवाड़ा में औरंगाबाद जैसे शिवसेना के गढ़ की महानगर पालिका में उसे बहुमत कभी नहीं मिला. विधानसभा चुनाव में भी शहर की तीनों सीटें जीतना उसके बस की बात नहीं थी. ...
औरंगाबाद और मराठवाड़ा डॉ. बाबासाहब आंबेडकर की कर्मभूमि के रूप में जाना जाता है। यहीं उन्होंने पीपल्स एजुकेशन सोसायटी नामक संस्था की स्थापना के साथ शिक्षा को बढ़ावा देने का प्रयास किया था। ...