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कोरोना वायरस चीन की लैब से हुआ था लीक, इंसानों को संक्रमित करने के लिए इसमें बदलाव की हुई कोशिश- रिपोर्ट में दावा

By विनीत कुमार | Updated: August 3, 2021 07:41 IST

यूएस रिपब्लिकन की रिपोर्ट में दावे किए गए हैं चीन में कोरोना वायरस में अनुवांशिक बदलाव की कोशिश में वैज्ञानिक लगे थे ताकि इससे इंसानों को संक्रमित किया जा सके।

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ठळक मुद्देअमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी के रिपोर्ट में कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर दावारिपोर्ट के अनुसार चीन के वुहान लैब में कोरोना वायरस पर इंसानों को संक्रमित करने को लेकर चल रहे थे प्रयोगरिपोर्ट में कहा गया है कि ये वायरस 12 सितंबर 2019 से पहले लीक हुआ होगा

अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी के एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कई ऐसे अहम सबूत मौजूद हैं जो बताते हैं कि कोरोना वायरसचीन की ही एक लैब से लीक हुआ था। ये रिपोर्ट सोमवार को जारी की गई है। हालांकि, ये रिपोर्ट किसी अमेरिकी जांच एजेंसी के नहीं हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कई ऐसे सबूत हैं जो बताते हैं कि अमेरिकी विशेषज्ञों और चीन सहित अमेरिकी सरकार के फंड की मदद से वुहान इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (WIV) के वैज्ञानिक कोरोना वायरस में ऐसे बदलाव पर प्रयोग कर रहे थे ये इंसानों को संक्रमित कर सके और साथ ही इस बदलाव को छिपाया जा सके।

अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी के एक शीर्ष प्रतिनिधि माइक मैकॉल ने इसे रिलीज किया। इसे रिपब्लिकन के सदस्यों के एक पैनल ने ही तैयार किया है। इसमें मांग की गई है कि कोरोना वायरस का संक्रमण कैसे शुरू हुआ, इसे लेकर एक निष्पक्ष जांच की जाए। दुनिया में इस वायरस के कहर से अब तक 40 लाख से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

चीन करता रहा है आरोपों से इनकार

चीन अब तक ऐसे आरोपों से इनकार करता रहा है कि उसने वायरस में आनुवांशिक रूप से कुछ बदलाव किए और ये वुहान लैब से लीक हो गया। कोरोना का पहला मामला वुहान में ही साल 2019 के आखिर में सामने आया था। बीजिंग शीर्ष स्तर पर भी ऐसे आरोपों से इनकार करता रहा है।

कई अन्य विशेषज्ञ ये मानते है कि वायरस वुहान के लैब के करीब एक सीफूड बाजार से जानवरों से इंसानों तक पहुंचा।

हालांकि, यूएस रिपब्लिकन की रिपोर्ट में कहा गया है कि, 'हम बाजार को वायरस के स्रोत के तौर पर देखे जाने की बात को खारिज करते हैं। हम ये भी मानते हैं कि कई प्रमुख सबूत हैं जो बताते हैं कि ये लैब से लीक हुआ और ऐसा संभवत: 12 सितंबर 2019 से पहले हुआ था।'

इससे पहले अप्रैल में शीर्ष अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने कहा था कि यह वैज्ञानिकों की उस सहमति के साथ है कि वायरस मानव निर्मित या आनुवंशिक रूप से संशोधित नहीं था।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने मई में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को वायरस की उत्पत्ति के लिए अपनी खोज में तेजी लाने और 90 दिनों में रिपोर्ट देने को कहा था। सूत्रों के अनुसार फिलहाल खुफिया ऐजेंसियां इस मामले में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची हैं कि यह वायरस जानवरों से आया है या फिर ये चीन की वुहान लैब से लीक हुआ।

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