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तालिबान ने काबुल हवाई अड्डे को बड़े पैमाने पर सील किया

By भाषा | Updated: August 28, 2021 22:18 IST

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काबुल, 28 अगस्त (एपी) तालिबान बलों ने शनिवार को काबुल के हवाई अड्डे को बंद कर दिया है। ज्यादातर अफगान देश बाहर निकलने की उम्मीद लगाये हुए हैं और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के अधिकतर देश अफगानिस्तान में दो दशकों के बाद अपने सैनिकों को निकालकर ले गये है। अमेरिका ने 15 अगस्त को तालिबान के काबुल पर कब्जा करने के बाद से 1,00,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित रूप से निकाला है और उसे उम्मीद है कि मंगलवार की समय सीमा तक वह अपने सभी लोगों को वहां से निकाल ले। ब्रिटेन भी शनिवार को लोगों को निकालने के लिए अपनी अंतिम उड़ानों का संचालन कर रहा है। अफगानिस्तान में ब्रिटेन के राजदूत लॉरी ब्रिस्टो ने काबुल हवाई अड्डे से एक वीडियो में कहा, ‘‘अब अभियान के इस चरण को बंद करने का समय आ गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हम उन लोगों को नहीं भूले हैं जो अभी भी देश छोड़ना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम उनकी मदद करने के लिए हर संभव कोशिश करना जारी रखेंगे।” प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि तालिबान बलों ने हवाई अड्डे के भीतर कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया है और वह शांतिपूर्वक नियंत्रण करने के लिए तैयार हैं क्योंकि अमेरिकी सेना बाहर निकल रही है। तालिबान ने दो दिन पहले एक आत्मघाती हमले के बाद बड़ी संख्या में लोगों को इकट्ठा होने से रोकने के लिए शनिवार को काबुल हवाई अड्डे के आसपास अतिरिक्त बलों को तैनात किया। अमेरिका को 31 अगस्त तक अपने सभी सैनिकों की वापसी के काम को पूरा करना है और इससे पहले यह हमला हुआ था। तालिबान ने हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़कों पर अतिरिक्त जांच चौकियां बनाई है जिनमें तालिबान के वर्दीधारी लड़ाके तैनात हैं। तालिबान के अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा जमाने के बाद देश से भागने की उम्मीद में पिछले दो हफ्तों में जिन इलाकों में लोगों की बड़ी भीड़ एकत्र हुई थी, वे अब काफी हद तक खाली थे। हाल में काबुल हवाई अड्डे पर आत्मघाती धमाकों में अफगानिस्तान के 169 नागरिकों और 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने जवाबी कार्रवाई करने का वादा किया था। कई पश्चिमी देशों ने सभी अमेरिकी बलों की वापसी के लिए मंगलवार की समय सीमा से पहले लोगों को अफगानिस्तान से निकालने के अपने अभियान को पूरा कर लिया है। अमेरिकी सेना के लिए अनुवादक के रूप में काम करने वाले एक अफगान ने कहा कि वह उन लोगों के समूह के साथ था, जिन्हें जाने की अनुमति थी और जिन्होंने शुक्रवार देर रात हवाई अड्डे पर पहुंचने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि तीन चौकियों से गुजरने के बाद उन्हें चौथी पर रोका गया था। उन्होंने कहा कि तालिबान ने उन लोगों से कहा कि उन्हें अमेरिकियों ने कहा था कि वे केवल अमेरिकी पासपोर्ट धारकों को ही जाने दें। काबुल लौटने के बाद उस व्यक्ति ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया, ‘‘मैं अपने भविष्य के लिए बहुत निराश हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को निकाले जाने का काम पूरा होने पर हमारा क्या होगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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