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सेंट विंसेंट में ज्वालामुखी विस्फोट के बाद भी कुछ लोगों ने क्षेत्र छोड़ने से किया इनकार

By भाषा | Updated: April 13, 2021 09:09 IST

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किंग्सटाउन, 13 अप्रैल (एपी) सेंट विंसेंट में पूर्वी कैरिबियाई द्वीप पर पिछले सप्ताह ज्वालामुखी विस्फोट शुरू होने के साथ भारी मात्रा में राख और गर्म गैस निकलने से क्षेत्र में अब भी मौजूद लोगों के जीवन को लेकर अधिकारी चिंतित हैं।

विशेषज्ञों ने इसे ‘‘बहुत बड़ा विस्फोट’’ बताया है। विस्फोट की वजह से ज्वालामुखी से निकले लावा दक्षिण और दक्षिण पश्चिम की ओर बह रहे हैं।

यूनिवर्सिटी ऑफ द वेस्ट इंडीजेज सिस्मिक रिसर्च सेंटर के निदेशक एरूसिला जोसेफ ने बताया, ‘‘यह (ज्वालामुखी से निकला लावा) अपने मार्ग में आ रहे हर चीज को नष्ट कर रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जो भी वहां से नहीं निकले हैं, जल्द से जल्द इलाका छोड़ दें।’’

घटना में तत्काल किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है हालांकि सरकारी अधिकारियों ने सोमवार हुए विस्फोट को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जो शुक्रवार सुबह के विस्फोट से अधिक शक्तिशाली था।

ज्वालामुखी के निकट करीब 16,000 लोग रहते हैं और बृहस्पतिवार को सरकार के आदेश पर उन्हें वहां से निकालकर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। लेकिन अब भी काफी लोग वहां से हटने से इनकार कर रहे हैं।

भूकंपीय अनुसंधान केंद्र से जुड़े रिचर्ड रॉबर्टसन ने स्थानीय रेडियो स्टेशन एनबीसी रेडियो को बताया कि ज्वालामुखी का पुराना और नया मुहाना नष्ट हो गया है और एक नये क्रेटर का निर्माण हुआ है।

क्षेत्र का रविवार को दौरा करने वाले सरकार के एक मंत्री ने कहा कि करीब 24 से 36 लोग अब भी सैंडी बे में रह रहे हैं जिसके बाद प्रधानमंत्री राल्फ गोंजाल्विस ने लोगों से इलाका छोड़ने की अपील की।

गोंजाल्विस ने कहा कि सरकारी अधिकारियों ने सोमवार दोपहर बैठक की और खाद्य आपूर्ति में आ रही परेशानी को लेकर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि सेंट विंसेट में जीवन को फिर से पटरी पर लाने में कम से कम तीन से चार महीने का समय लग जायेगा।

उपप्रधानमंत्री मोंटगोमरी डेनियल ने रेडियो स्टेशन को बताया कि द्वीप के उत्तर पूर्वी क्षेत्र में नुकसान अधिक हुआ है। जंगल और खेत नष्ट हो गये हैं।

महामारी ने भी इन प्रयासों में परेशानी खड़ी की है। शुक्रवार को ज्वालामुखी विस्फोट के बाद से संक्रमण के करीब 14 नए मामले आये हैं और राहत शिविरों में आने वालों की जांच की जा रही है। 3,700 से अधिक सरकारी राहत शिविरों में शरण लिये हैं।

पूर्वी कैरिबियाई में 19 सक्रिय ज्वालामुखी हैं जिनमें से 17 ज्वालामुखी 11 द्वीपों पर मौजूद हैं और शेष दो ज्वालामुखी ग्रेनेडा के पास समुद्र के अंदर मौजूद हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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