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अब तक 2973 यूक्रेनियों को बंधुआ मजदूरी के लिए ले जाया गया है रूस-मारियुपोल सिटी काउंसिल ने किया दावा, दूर-दराज इलाकों में जबरन कराया जा रहा है काम

By आजाद खान | Updated: March 21, 2022 09:20 IST

Russia Ukraine Crisis: रूस-यूक्रेन जंग पर बोलते हुए अमेरिका ने चीन को सख्ता हिदायत दी है। अमेरिका ने कहा कि रूसियों को सैन्य या वित्तीय सहायता मिली तो चीन के लिए इसका अंजाम बुरा होगा।

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ठळक मुद्देरूस-यूक्रेन जंग अभी भी जारी है।यूक्रेनी नेताओं का दावा है कि जंग में पकड़े गए यूक्रेनी को रूस ले जाया जा रहा है। उन्हें वहां ले जाकर जबरन मजदूरी कराया जा रहा है।

Russia Ukraine Crisis: यूक्रेन की मारियुपोल सिटी काउंसिल ने एक बयान जारी करके दावा किया है कि (मारियुपोल के) निवासियों को उनकी इच्छा के खिलाफ रूस ले जाया जा रहा है, जबकि एक सांसद ने दावा किया है कि उन लोगों को रूस के दूर-दराज के इलाकों में जबरन मजदूरी कराने ले जाया जा रहा है। सिटी काउंसिल की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘‘कब्जा करने वाले यूक्रेन से लोगों को रूस जाने को मजबूर कर रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में मारियुपोल के कई हजार निवासियों को रूसी क्षेत्र में ले जाया गया है।’’ 

5 मार्च के बाद से कुल 2973 लोगों को भेजा गया है रूस-यूक्रेन अधिकारी

पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थित अलगाववादियों ने रविवार को कहा कि पांच मार्च के बाद से 2973 लोगों को मारियुपोल से रूस ले जाया गया है, जिनमें पिछले 24 घंटों में ले जाये गये 541 यूक्रेनवासी भी शामिल हैं। मारियुपोल सिटी काउंसिल की ओर से जारी बयान में दावा किया गया है ‘‘रूस के सुदूर इलाकों में’’ भेजे जाने से पहले यूक्रेनवासियों के मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच रूसी सुरक्षाकर्मियों द्वारा की गई है। 

रूस की मदद करना चीन के लिए पड़ सकता है भारी-अमेरिका

वहीं रूस-यूक्रेन जंग के बीच अमेरिका के एक शीर्ष राजनयिक ने रविवार को चेतावनी दी कि रूस को सैन्य या वित्तीय मदद मुहैया करने का फैसला करने पर चीन को गंभीर अंजाम भुगतना पड़ेगा। व्हाइट हाउस ने कहा है, ‘‘अमेरिकी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ शनिवार को बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूस को सहायता करने की स्थिति में चीन पर पड़ने वाले प्रभावों और परिणामों के बारे में विस्तार से बताया।’’ 

रूसियों को सैन्य या वित्तीय सहायता मिली तो चीन के लिए अंजाम बुरा होगा- अमेरिका

बाइडन ने मास्को को सहायता मुहैया नहीं करने के लिए बीजिंग को मनाने को लेकर चीन के नेता के साथ लंबी वार्ता की गई है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस ग्रीनफिल्ड ने सीएनएन से एक साक्षात्कार में कहा कि शी के साथ अपनी बातचीत में बाइडन स्पष्ट थे। 

लिंडा ने कहा, ‘‘अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस जगजाहिर रुख को रखा कि यदि चीन ने रूसियों को सैन्य या वित्तीय सहायता मुहैया करने की कोशिश की तो उसे (चीन को) गंभीर अंजाम भुगतना पड़ेगा।’’ उन्होंने कहा कि बाचतीत दो घंटे चली और यह असाधारण रूप से स्पष्ट थी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने चीन को अपना रुख स्पष्ट कर दिया।’’ राजदूत ने बीजिंग के बारे में कहा, ‘‘वे असहज स्थिति में हैं।’’ उन्होंने मास्को को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रूस ने यूक्रेन में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया तो उसे कहीं अधिक अंजाम भुगतने पड़ेंगे। 

 

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