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ब्रिटेन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन से मुलाकात, जानें किन मुद्दों पर हुई बात

By भाषा | Updated: May 4, 2021 09:31 IST

एस जयशंकर चार दिनों के दौरे पर ब्रिटेन पहुंचे हैं। वे जी7 देशों के विदेश एवं विकास मंत्रियों के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने ब्रिटेन पहुंचे हैं।

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ठळक मुद्देजी7 देशों के विदेश एवं विकास मंत्रियों के शिखर सम्मेलन में ब्रिटेन पहुंचे हैं एस जयशंकरब्रिटेन में चार दिनों का विदेश मंत्री का दौरा, कोविड सहित कई मुद्दों पर अमेरिकी विदेश मंत्री से हुई बात

लंदन: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ आमने-सामने की मुलाकात कर ब्रिटेन का अपना चार दिवसीय दौरा आरंभ किया। जयशंकर ने कोविड-19 से निपटने में भारत का सहयोग करने के लिए ब्लिंकन का धन्यवाद दिया।

जयशंकर ने ट्वीट किया कि मंगलवार से शुरू हो रहे जी7 देशों के विदेश एवं विकास मंत्रियों के शिखर सम्मेलन से पहले उन्होंने और ब्लिंकन ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र, जलवायु परिवर्तन, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और म्यांमा संबंधी मामलों पर चर्चा की।

भारत को कोविड-19 चुनौती से निपटने में अमेरिका से मिल रही मदद, विशेषकर ऑक्सीजन और रेमडेसिविर दवा की आपूर्ति पर वार्ता के दौरान ध्यान केंद्रित किया गया।

जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘अपने पुराने मित्र विदेश मंत्री ब्लिंकन से मुलाकात कर अच्छा लगा। उनके साथ वैश्विक कोविड-19 चुनौती पर विस्तार से वार्ता हुई और टीकों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने एवं विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखलाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इस मुश्किल समय में, खासकर ऑक्सीजन और रेमडेसिविर के मामले में भारत को अमेरिका से मिल रहे मजबूत सहयोग की सराहना की।’’

इस बीच, अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने वाशिंगटन में जारी एक बयान में बताया कि दोनों नेताओं ने भारत के लिए अमेरिकी मदद समेत कोविड-19 से निपटने के हालिया प्रयासों की समीक्षा की और इस वैश्विक महामारी के दौरान हर देश के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

प्राइस ने कहा कि जयशंकर और ब्लिंकन ने ‘‘कोविड-19 चुनौती से निपटने और अमेरिका एवं भारत के बीच वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने’’ पर चर्चा की।

उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान ब्लिंकन ने जलवायु संकट से निपटने और हिंद-प्रशांत में अग्रणी साझेदार के रूप में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका की पुन: पुष्टि की।

प्राइस ने कहा, ‘‘उन्होंने जी7 के मेहमान देश के तौर पर और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समेत बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।’’

उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने विभिन्न द्विपक्षीय एवं वैश्विक मामलों पर अमेरिका और भारत के बीच सहयोग जारी रखने की इच्छा जताई।

इससे पहले जयशंकर ने इसे बहुत अच्छी बैठक करार दिया था। वह लंदन में ब्लिंकन के साथ संवाददाताओं के सामने आए और उन्होंने कहा, ‘‘हमने सबसे पहले कोविड-19 हालात से निपटने में अमेरिका से मिल रहे मजबूत सहयोग पर बात की। हम इसकी बहुत सराहना करते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने टीकाकरण क्षमताओं को विस्तार देने में वैश्विक स्तर पर गठजोड़ के तरीकों पर चर्चा की।’’

ब्लिंकन ने संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए कोविड-19 संकट के दौरान अमेरिका के लिए भारत के सहयोग का जिक्र किया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें अच्छी तरह याद है कि कोविड-19 के शुरुआती दिनों में भारत कितनी मजबूती से हमारी सहायता के लिए आगे आया था।’’ ब्लिंकन ने कहा, ‘‘हम इससे (कोविड-19 से) मिलकर लड़ रहे हैं और हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं।

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