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Coronavirus: WHO ने बुलाई आपात बैठक, कोरोना वायरस को 'ग्लोबल हेल्थ इमर्जेंसी' घोषित करने को लेकर होगी चर्चा

By स्वाति सिंह | Updated: January 30, 2020 08:40 IST

विश्व स्वास्थ्य संगठन की बैठक में यह तय किया जाएगा कि कोरोना वायरस को ग्लोबल हेल्थ इमर्जेंसी घोषित करना चाहिए या नहीं।

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ठळक मुद्देडब्ल्यूएचओ ने गुरुवार को एक आपात बैठ बुलाई है।कोरोना वायरस को ग्लोबल हेल्थ इमर्जेंसी घोषित करने पर चर्चा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बुधवार को खतरनाक कोरोना वायरस को लेकर हरसंभव उठाने की चेतावनी दी है। चीन में घातक कोरोना वायरस का कहर इस कदर बढ़ता जा रहा है कि इससे 25 और लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिसके साथ ही इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 132 हो गई है।

करीब 6,000 लोगों के इसकी चपेट में आने की भी पुष्टि की गई है। ऐसे में डब्ल्यूएचओ ने गुरुवार को एक आपात बैठ बुलाई है। इस बैठक में यह तय किया जाएगा कि इस वायरल महामारी को ग्लोबल हेल्थ इमर्जेंसी घोषित करना चाहिए या नहीं। अगर सी बैठक में कोरोना वायरस को ग्लोबल हेल्थ इमर्जेंसी घोषित किया गया तो इससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम उठाए जा सकेंगे।

डब्ल्यूएचओ के प्रमुख तेद्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कहा कि संगठन विदेशी नागरिकों को चीन के विषाणु संक्रमित प्रांत हुबेई से निकालने की अनुशंसा नहीं करता है। उन्होंने विश्व समुदाय से शांत रहने की भी अपील की। उनका बयान चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ बैठक के दौरान आया। भारत, अमेरिका और कई अन्य देश हुबेई प्रांत से अपने नागरिकों को बाहर निकालने की योजना बना रहे हैं।  हुबेई प्रांत में 250 से अधिक भारतीय हैं जिनमें अधिकतर छात्र, रिसर्च स्कॉलर और पेशेवर हैं। इस प्रांत की राजधानी वुहान है जहां खतरनाक कोरोना वायरस फैला हुआ है। तेद्रोस ने बीजिंग को आश्वासन दिया कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने में हरसंभव मदद करेंगे। उन्होंने विश्व समुदाय से कहा कि शांत रहें और महामारी के परिप्रेक्ष्य में ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दें जिससे चीन में सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 

चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि वायरस संक्रमण के 5,974 मामलों की पुष्टि हुई है। तिब्बत को छोड़कर चीन के सभी प्रांतों में विषाणु के मामले सामने आए हैं जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों के समक्ष इससे निपटने में बड़ी चुनौती पेश आ रही है। विदेशों में थाईलैंड में सात, जापान में तीन,दक्षिण कोरिया में तीन, अमेरिका में तीन, वियतनाम में दो, सिंगापुर में चार, मलेशिया में तीन, नेपाल में एक, फ्रांस में तीन, ऑस्ट्रेलिया में चार और श्रीलंका में एक नागरिक के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। संकट पर चीनी अधिकारियों से वार्ता के लिए घेब्रेयेसस बीजिंग के दौरे पर हैं। उन्होंने न्यूमोनिया को फैलने से रोकने में चीन के प्रयासों की सराहना की। सरकारी शिन्हुआ संवाद समिति ने खबर दी है कि विदेश मंत्री वांग यी के साथ बैठक में घेब्रेयेसस ने कहा कि डब्ल्यूएचओ और अंतरराष्ट्रीय समुदाय चीन सरकार के निर्णयात्मक कदमों की प्रशंसा करते हैं। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ नागरिकों को बाहर निकालने की अनुशंसा नहीं करता है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करता है कि शांत रहें और ज्यादा हाय तौबा न मचाएं। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ को महामारी को रोकने और नियंत्रित करने की चीन की क्षमता पर विश्वास है। 

उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ चीन के साथ सहयोग को मजबूत करने की उम्मीद करता है और हरसंभव मदद देने को इच्छुक है। पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश के अलावा अफ्रीकी देशों से काफी संख्या में लोग विषाणु प्रभावित प्रांत में फंसे हुए हैं। चीन ने अमेरिका और कई अन्य ऐसे देशों को वुहान से अपने नागरिकों को बाहर निकालने की अनुमति दे दी है जिनके वाणिज्य दूतावास वुहान में हैं। वांग ने कहा कि चीन 'डब्ल्यूएचओ के उद्देश्य की प्रशंसा करता है।' 

वांग ने कहा, ‘‘चीन की आपकी यात्रा से न केवल चीन को आपका समर्थन दिखता है बल्कि डब्ल्यूएचओ के साथ चीन के सहयोग को बढ़ावा भी देता है।' नयी दिल्ली में चीन के राजदूत सुन वीडोंग ने कहा कि डब्ल्यूएचओ नागरिकों को निकालने की अनुशंसा नहीं करता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि शांत रहें और अत्यधिक प्रतिक्रिया देने से बचें। सुन ने ट्वीट किया, ‘‘चीन के महामारी को रोकने और इस पर नियंत्रण की क्षमता के बारे में डब्यूएचओ भी आश्वस्त है।’’ 

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