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9/11 हमलों के बाद नफरत की आग में मारे गए पहले व्यक्ति के भाई ने कहा- सभी का सम्मान करें

By भाषा | Updated: September 11, 2021 21:26 IST

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(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क, 11 सितंबर अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमलों के बाद घृणा से प्रेरित अपराध के सबसे पहले शिकार बने बलबीर सिंह सोढ़ी के भाई का कहना है कि सिख हमेशा सबके साथ न्याय के लिए खड़े रहे हैं और अलग-अलग रंग, पंथ व लिंग के लोगों का आदर करना बलबीर के प्रति एक बड़ा सम्मान होगा।

आतंकवादी हमलों को शनिवार को 20 साल पूरे हो गए, जिनमें 90 से अधिक देशों के करीब 3 हजार लोग मारे गए थे।

राणा सिंह सोढ़ी ने उस त्रासदी को याद किया जो अमेरिका में आतंकवादी हमलों के कुछ दिनों बाद उनके परिवार पर आई थी जब सिख लोगों को उनके हुलिए के कारण निशाना बनाया जाने लगा था।

उन्होंने 'नेशनल सिख कैंपेन' द्वारा जारी एक वीडियो संदेश में कहा, ''सिख धर्म में विश्वास रखने वाले मेरे भाई के सिर पर पगड़ी और चेहरे पर दाढ़ी थी। उस व्यक्ति ने सोचा कि वह तालिबान की तरह दिखता है। उसने हमारी पगड़ी को उन तालिबानों से जोड़ा और मेरे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी।''

सिख संगठन ने बलबीर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आतंकवादी हमले के चार दिन बाद 15 सितंबर, 2001 को बलबीर '' मेसा में अपने गैस स्टेशन के बाहर फूल लगा रहे थे तभी एक व्यक्ति ने बदला लेने की भावना से उन्हें गोली मार दी और उनकी मौत हो गई।''

संगठन ने कहा 9/11 हमलों के बाद घृणा से प्रेरित हत्या का पहला मामला था। बलबीर का हत्यारा फ्रैंक रोक जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।

राणा सिंह सोढ़ी ने वीडियो में याद किया कि विश्व व्यापार संगठन पर आतंकवादी हमले के दिन उनके बलबीर ने उन्हें फोन कर टीवी खोलकर समाचार देखने को कहा।

उन्होंने कहा, ''हमारे देश पर हमला हुआ है। शायद उसी दिन टीवी पर (ओसामा) बिन लादेन की तस्वीरें दिखाई जाने लगी थीं।''

राणा ने कहा कि 9/11 हमले से पहले वह कभी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं हुए थे। लेकिन आतंकवादी हमलों के बाद लोगों ने हमारे खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल कर देश वापस जाने के नारे लगाने शुरू कर दिये।

राणा ने कहा कि जिन दिन उनके भाई को गोली मारी गई, उस दिन उन्हें एक कर्मचारी से गोलीबारी होने की जानकारी मिली थी।

उन्होंने कहा, ''मैंने अपने भाई को फोन किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। तब मुझे पता चला कि उसे गोली मार दी गई है।''

राणा ने कहा कि 24 घंटे में हत्यारे को पकड़कर सलाखों के पीछे डाल दिया गया और उनके परिवार को न्याय मिल गया।

उन्होंने कहा, ''हम सभी समान हैं। रंग, पंथ और लिंग से कोई फर्क नहीं पड़ता। अलग-अलग रंग, पंथ व लिंग के लोगों का आदर करना मेरे भाई के प्रति एक बड़ा सम्मान होगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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