पटनाः बिहार के मुंगेर जिले से एक अजीबो-गरीब घटना सामने आई है, जहां मुस्लिम युवक से शादी करने के बाद मात्र सात दिन में रिश्ता टूट गया। दरअसल, मुंगेर की रहने वाली मंशा ने मुस्लिम युवक नियाजुल से शादी की थी। लेकिन शादी के एक सप्ताह बाद ही मंशा अपने मायके लौट आई और मामला सीधे कोर्ट-कचहरी और थाने तक पहुंच गया। पूरा प्रकरण 30 दिसंबर से शुरू हुआ, जब मंशा घर से निकलकर नियाजुल के साथ दिल्ली चली गई। दोनों ने दिल्ली के तीस हजारी इलाके स्थित आर्य समाज वैदिक संस्कार ट्रस्ट में विवाह किया।
इसके बाद मंशा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया कि वह अपनी मर्जी से गई है और उस पर किसी तरह का दबाव नहीं है। साथ ही उसने पुलिस और प्रशासन से अपील की थी कि उसे और लड़के के परिवार को परेशान न किया जाए। लेकिन इधर, बेटी के अचानक घर से गायब होने पर मंशा के पिता ने सफियाबाद थाना में अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया।
करीब छह दिन बाद मंशा लड़के के परिजनों के साथ थाने पहुंची। पुलिस ने पूछताछ के बाद सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराई और फिर उसे मुंगेर न्यायालय में बयान के लिए पेश किया गया। कोर्ट के सामने मंशा ने साफ शब्दों में कहा कि वह अब अपने माता-पिता के साथ रहना चाहती है।
कोर्ट ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए युवती को उसके परिजनों के सुपुर्द करने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने मंशा को माता-पिता के हवाले कर दिया। वहीं, कोर्ट से लौटते ही मामला नया मोड़ ले गया। मंशा के माता-पिता उसे सीधे मुंगेर के बड़ा महावीर मंदिर लेकर पहुंचे, जहां उसका विधिवत शुद्धिकरण संस्कार कराया गया।
मंदिर के पुजारी घनश्याम दास ने शंख जल, गंगाजल और मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया। इस दौरान हनुमान पाठ, सुंदरकांड का पाठ हुआ और प्रसाद चढ़ाया गया। शुद्धिकरण के वक्त विश्व हिंदू परिषद और दुर्गा वाहिनी के सदस्य भी मौजूद रहे।
धार्मिक अनुष्ठान के बाद मंशा अपनी मां के साथ घर लौट गई। बेटी के वापस आने पर मां की आंखें भर आईं। उन्होंने समाज से अपील की कि बेटी की गलती को माफ कर दिया जाए और उसे किसी तरह की प्रताड़ना न दी जाए। मां ने कहा कि बेटी हमारे साथ है, यही सबसे बड़ी राहत है।