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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 24 साल बाद दोहराया इतिहास, पिता माधवराव ने भी छोड़ी थी कांग्रेस, 3 बार Congress छोड़ चुका है सिंधिया परिवार

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 11, 2020 10:27 IST

कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी की प्राथमिकता सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उनके बीजेपी में जाने की चर्चा तेज है. 24 साल पहले उनके पिता माधवराव सिंधिया ने भी कांग्रेस पार्टी छोड़ कर मध्य प्रदेश विकास कांग्रेस की स्थापना की थी.

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ठळक मुद्दे1996 में कांग्रेस ने माधवराव सिंधिया के पार्टी छोड़ने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस का टिकट ऑफर किया थाहोली के दिन भी सोशल मीडिया पर ज्योतिरादित्य सिंधिया सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं.

सिंधिया राजघराने से तालुक्क रखने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। अभी तक उन्होंने ये ऐलान नहीं किया है कि वो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होंगे की नहीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बीजेपी उन्हें मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजने की तैयारी में हैं। इस बीच सिंधिया समर्थक 19 विधायकों के इस्तीफे से कमलनाथ सरकार संकट में घिर गई है। 

24 साल पहले पिता माधवराव सिंधिया ने छोड़ दी थी कांग्रेस

1980 में कांग्रेस में शामिल होने वाले माधवराव सिंधिया का कद कांग्रेस पार्टी में बहुत बड़ा था। उनके पूर्व सहयोगी और विदेश मंत्री रह चुके नटवर सिंह ने भी आज कहा कि उन्हें ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने से कोई ताज्जुब नहीं हुआ है। उनके पिता माधवराव सिंधिया अगर जीवित रहते तो जरूर प्रधानमंत्री बनते। 1996 में कांग्रेस पार्टी से संबंध खराब होने के बाद माधवराव सिंधिया ने पार्टी छोड़ दी थी। उसी साल उन्होंने मध्य प्रदेश विकास कांग्रेस (MPVC) का गठन किया था। 1996 लोकसभा चुनाव उन्होंने इसी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और ग्वालियर से जीत हासिल की। हालांकि कुछ दिनों बाद ही वह कांग्रेस में वापस आ गए थे। 1998 और 1999 लोकसभा चुनाव में माधवराव सिंधिया गुना लोकसभा सीट से सांसद बने।

इंडिया टुडे में 1996 में हरिंदर बवेजा की छपी एक रिपोर्ट के अनुसार उस समय कांग्रेस ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पिता की जगह चुनाव लड़ने का ऑफर किया था लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया।

तीन बार कांग्रेस छोड़ चुका है सिंधिया परिवार

सिंधिया राजघराने का सियासी सफर कांग्रेस से 1957 में शुरू हुआ था। विजयाराजे सिंधिया ने 1957 और 1962 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर ही जीता था। 1967 के चुनाव से पहले उन्होंने स्वतंत्र पार्टी का दामन थाम लिया और कांग्रेस छोड़ दी। सिंधिया राजघराना 1971 लोकसभा चुनाव से पहले जनसंघ में शामिल हुई हैं और 2001 तक अपने मृत्यु तक पहले जनसंघ फिर भारतीय जनता पार्टी में रहीं। विजयाराजे सिंधिया के अलावा उनके बेटे माधवराव सिंधिया ने 1996 और अब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 2020 में कांग्रेस पार्टी छोड़ी है।

टॅग्स :ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधियामध्य प्रदेशभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कांग्रेससोशल मीडियाट्विटर
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