jnu protest delhi police beaten shashi bhushan who Blind admit in aiims | दिल्ली पुलिस ने JNU के नेत्रहीन छात्र को जूते से रौंदा, वायरल तस्वीर शेयर कर नेता ने पूछा- छात्रों से इतनी नफरत क्यों?
दिल्ली पुलिस ने JNU के नेत्रहीन छात्र को जूते से रौंदा, वायरल तस्वीर शेयर कर नेता ने पूछा- छात्रों से इतनी नफरत क्यों?

Highlightsप्रदर्शनकारी छात्रों और शिक्षकों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन पर लाठियां चलाईं और यहां से चले जाने के लिये मजबूर किया। पुलिस ने जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष समेत हिरासत में लिये गए करीब 100 छात्रों को शाम के समय छोड़ दिया।

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के हजारों छात्रों ने छात्रावास शुल्क वृद्धि को पूरी तरह वापस लिए जाने की मांग को लेकर संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन संसद भवन की तरफ मार्च किया। स्थिति को काबू में करने के लिए दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया और छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत करीब 100 जेएनयू छात्रों को हिरासत में लिया। इस घटना में तकरीबन 200 से ज्यादा छात्र घायल हुए हैं। उन्ही में एक छात्र है, जेएनयूएसयू के पार्षद शशिभूषण। जो नेत्रहीन हैं। शशिभूषण के जख्मी हालत की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। शशिभूषण फिलहाल एम्स में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है।

आप नेता संजय कुमार ने भी शशिभूषण की तस्वीर शेयर कर लिखा है, युवाओं छात्रों से इतनी नफ़रत ये हैं शशिभूषण एक नेत्रहीन JNU का छात्र किस बर्बरता से दिल्ली पुलिस ने इनको पीटा है आप खुद देखिये।

इसके अलावा JNU के पूर्व अध्यक्ष एन साई बालाजी ने भी शशिभूषण की तस्वीर ट्वीट की है। तस्वीर ट्वीट कर उन्होंने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा है कि दिल्ली पुलिस ने इस क्रांतिकारी गायक और जेएनयूएसयू के पार्षद शशिभूषण को बुरी तरह से पीटा है। इतना ही नहीं बूट (जूता) से छाती पर भी मारा है।

जेएनयू छात्रसंघ पदाधिकारियों का दावा, एचआरडी मंत्रालय के अधिकारी ने दिया समिति से मुलाकात का आश्वासन

जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों ने सोमवार को दावा किया कि उन्होंने छात्रावास शुल्क में वृद्धि को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात कर उन्हें अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें कुलपति को हटाने की मांग भी शामिल है। हालांकि बैठक को लेकर मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

जेएनयू के उपाध्यक्ष साकेत मून ने कहा कि उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव जीसी होसर से मुलाकात कर उन्हें अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। मून ने कहा, "हमने उनसे मुलाकात कर अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा। हमने मांग की कि मानव संसाधन विकास समिति को छात्रसंघ के साथ मुलाकात करनी चाहिये और जब तक समिति इस मामले पर काम करे तब तक शुल्क वृद्धि न की जाए। हमने कुलपति को बर्खास्त करने की भी मांग की।"

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