नई दिल्ली, 18 मई। देश दुनिया में शर्ट के कई डिजाइन मौजूद है लेकिन क्या आपने कभी गौर किया कि शर्ट की इतनी वैरायटी होने के बावजूद उसकी कॉलर में दो बटन क्यों लगी होती है या शर्ट के पीछे दिए गए लूप का क्या मतलब होता है। आमतौर पर हम शर्ट की कॉलर के दो बटन और पीछे दिए गए लूप को देखते तो है लेकिन कभी जानन के की कोशिश नहीं करते की ये आखिर क्यों दिए होते हैं।
दरअसल कुछ सालों पहले तक शर्ट को ठीक से रखने के लिए लोगों के पास हैंगर्स, अलमारी या वॉर्डरोब जैसी कोई चीज नहीं होती थी। शर्ट में लगे ये छोटे से लूप शर्ट को हुक पर टांगने के काम आते थे और कपड़ों पर रिंकल्स भी नहीं पड़ते थे। इतिहासनिदों की माने तो शर्ट में लूप नाविंकों की खोज थी जो जहाज में काम करने वाले क्रू और नाविक जो शर्ट पहनते थे उसे चेंज करते समय जहाज में बने हुक पर टांग देते थे लेकिन धीरे-धीरे ये चलन आम लोगों के बीच प्रचलित हो गया।
रिपोर्ट्स की माने तो शर्ट में लूप की शुरूआत 'बटन डाउन शर्ट' नाम के एक ब्रांड ने 1960 में की थी। लेकिन देश दुनिया के अन्य ब्रांड ने भी इसे फॉलो करना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे ये फैशन इतना पॉप्युलर हो गया कि ये आज भी चलन में है।
वहीं शर्ट की कॉलर में लगी दो बटनों का किस्सा भी अपने आप में काफी रोचक है। कॉलर में लगी दो बटनों को बटन डाउन कॉलर कहते हैं। इस ट्रेंड की शरुआत Ivy League के पोलो प्लेयर्स द्वारा की गयी थी। दरअसल पोलो खेलने वाले खिलाड़ी चाहते थे कि जब वे घोड़ो पर बैठकर खेलें तो कॉरल उनके चेहरे से दूर रहे और घुटसवारी करते वक्त शर्ट की कॉलर इरीटेट न करें जिसके चलते उन्होंने 'बटन डाउन कॉलर' शर्ट पहनना शुरू किया। लेकिन वक्त के साथ ये ट्रेंड बन गया जो आज भी प्रचलित है।