फिल्म "जिन्दगी ना मिलेगी दोबारा" में स्कूबा डाइविंग करते हुए किरदारों को देखकर अगर आपको भी अंडरवॅाटर डाइविंग करने का मन करता है तो उसके लिए आपको स्पेन या विदेश जाने की जरूरत नहीं। भारत में भी ऐसे राज्य हैं जहां जाकर आप समुद्र की गहराइयों को नाप सकते हैं। भारत के केन्द्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में आप स्कूबा डाइविंग का मजा ले सकते हैं। दक्षिण भारत के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक पुडुचेरी को उपमहाद्वीपीय प्रवास का एक चमकदार उजागर बताया गया है।
ये शहर ना सिर्फ खूबसूरत इमारतों के लिए जाना जाता है बल्कि योजना के साथ बनाए गए इस शहर में हर सड़क और हर गली की देखते ही बनती है। पुडुचेरी उपनिवेशकालीन शहर है। यहां बनी इमारतें फ्रांसीसी शैली से बहुत मिलती-जुलती हैं । यही कारण है कि दक्षिण भारत के इस शहर को भारत का फ्रांस भी कहा जाता है। आज हम आपको पांडिचेरी के ऐसे ही कुछ खास बातें बताने जा रहे हैं जिन्हें सुनने के बाद आप का दिल एक बार जरूर यहां जाने को कहेगा।
1. फरवरी से अप्रैल तक कर सकते हैं स्कूबा डाइविंग
अब स्कूबा डाइविंग के लिए आपको विदेश का रुख करने की आवयश्कता नहीं है। भारत में होने वाली स्कूबा डाइविंग का मजा पाडिंचेरी में आप फरवरी से अप्रैल माह के बीच कभी भी ले सकते हैं। लीजिए एक गहरी सांस और उतर जाइए इन समुद्र की गहराईयों में। अगर आपको तैरना नहीं भी आता तो भी परेशान होने की जरूरत नहीं यहां आपको पानी में उतरने से पहले ट्रेनिंग दी जाती है और आपके साथ यहां पानी के अन्दर डाइविंग के एक्सपर्ट आपके साथ पानी के अन्दर जाएगा।
2. यहां की बेहतरीन है टाउन प्लानिंग
इस छोटे से प्रदेश का इतिहास फ्रांस से जुड़ा हुआ है। सन् 1673 में फ्रांसीसी लोग यहां आये और इसे अपना उपनिवेश बना लिया। आजाद के बाद तक पुडुचेरी पर फ्रांस का नियंत्रण रहा। सन् 1954 में ये भारतीय संघ का हिस्सा बना। समुद्र के किनारे होने के कारण भी यहां सैलानियों का तांता लगा रहता है। दिल्ली से 2400 किलोमीटर दूर स्थित पुडुचेरी, भारत के खूबसूरत शहरों में से एक है और फ्रांस की सैर का आपका अरमान यहां बिना किसी पासपोर्ट और वीजा के ही पूरा हो सकता है। बड़ी इमारतें और बेहतरीन वास्तुकला के साथ सुव्यवस्थित टाउन प्लानिंग। फ्रांसिसी लोगों के लिए यहां बनायी गयी टाउनशिप व्हाइट टाउन के नाम से पहचानी जाती है।
3. ऐरोवेला है सबसे प्रिय दार्शिनिक स्थल
यह जगह पुडुचेरी शहर से 8 किमी की दूरी पर स्थित है और पुडुचेरी में जाने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है। मीरा अल्फासा (जिन्हें मदर के नाम से भी जाना जाता है) ने 1968 में श्री अरविंद के लिए स्पिरिचुअल कौलॉर्बेट का निर्माण किया। उनका एकमात्र लक्ष्य था कि विश्व भर के लोग यहां आ कर शांति पा सकें।
यह शहर प्रसिद्ध फ्रांसीसी आर्किटेक्ट रोजर क्रैगर की वास्तुकला था। यहां पर कई प्रकार की वर्कशाप हैं, साथ ही यहां अलग-अलग तरह की थैरपी दी जाती है जो लोगों को शांति की ओर ले जाती है।
4. ओल्ड लाइट हाऊस और चर्च
पुडुचेरी का सबसे फेमस लैंडमार्क कहलाने वाला 1836 में बना ओल्ड लाइट हाउस पर्यटकों के लिए आर्कषण का केन्द्र हैं। जब इसका निर्माण हुआ था उस समय उस समय यह काफी यूनीक था।
इसके साथ ही पुडुचेरी 32 चर्च हैं जिनमें लेडी ऐंज्लस चर्च, स्केड हॉट चर्च, डूप्लेक्स चर्च, बेस्लिका ऑफ स्केर्ड हॉट ऑफ जिजस जैसे चर्चेज का नाम बड़े व पुराने चर्चेज में गिना जाता है। इनकी सुदंरता पर्यटकों का मन मोह लेती है।
5. ऑस्टेरी के बीच पक्षियों के साथ बिताएं समय
पुडुचेरी के ऑस्डयू झील शहर से बस कुछ किलोमीटर दूर है। नेचर से प्यार करते हैं तो आप यहां बोट किराये पर ले कर इस झील में पक्षियों के साथ अपना समय बिता सकते हैं। यह झील उन पक्षी प्रेमियों के लिए है स्वर्ग है जो प्रवासी पक्षियों को देखना चाहते हैं। देश-विदेश से पर्यटक यहां पक्षियों की फोटो खींचने आते हैं।
6. समुद्री किनारे में मिलेगी शांती
पुडुचेरी की सबसे बड़ी खासियत यहां के समुद्र तट हैं। यहां मुख्य तौर पर चार ‘बीच’हैं- प्रोमिनेंट बीच, पेराडाइस बीच, अरोविले बीच, सैरीनीटी बीच। यहां पर भारत के अन्य बीचों के मुकाबले कम भीड़ देखी जाती है। और यहां के बीच काफी साफ-सुथरे हैं। रेत की भूरी सी जमीन पर बैठकर आप खुद के लिए समय निकाल सकते हैं।